अयोध्या

टिन्नू यादव ले रहा चंपत राय का पक्ष, ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों के लिए नाम, सवालों के घेरे में अनिल मिश्रा

Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में नया मोड़। 10 दिन की खामोशी के बाद अचानक सामने आए टिन्नू यादव ने चंपत राय का बचाव कर अनिल मिश्रा पर उठाए सवाल। जानिए क्या है पूरा मामला...
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Jun 18, 2026
Tinnu Yadav Ram Mandir Case, Champat Rai Latest News
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में संदिग्ध टिन्नू यादव | फोटो सोर्स- patrika.com

Tinnu Yadav Ram Mandir Case:राम मंदिर के चढ़ावे और दान के पैसों में हेराफेरी का मामला हर दिन गरमाता जा रहा है। बीते 6 जून को जब यह पूरा मामला सामने आया था, तो हड़कंप मच गया था। इसके बाद से इस पूरे मामले से जुड़े मुख्य लोगों ने एकदम चुप्पी साध ली थी। लेकिन अब, करीब 10 दिन के बाद रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का अचानक मीडिया के सामने आना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सोमवार को टिन्नू ने न सिर्फ अपना वीडियो बयान जारी किया, बल्कि कई मीडिया चैनलों को इंटरव्यू भी दिए।

चंपत राय का 'बचाव' और अनिल मिश्रा पर 'वार'

टिन्नू यादव ने अपने बयानों में जो रुख अपनाया है, उसने इस पूरे विवाद की दिशा बदल दी है। टिन्नू पूरी तरह से राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के पक्ष में बैटिंग करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने चंपत राय को क्लीन चिट देने की कोशिश की, लेकिन वहीं इसका उल्टा ट्रस्ट के ही एक अन्य बड़े पदाधिकारी और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। चर्चा है कि अनिल मिश्रा फिलहाल केरल में हैं लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। टिन्नू के इस बयान के बाद अब जांच एजेंसियों द्वारा अनिल मिश्रा से पूछताछ की मांग और तेज हो गई है।

क्या चंपत राय को बचाने के लिए आगे किया गया मोहरा?

घोटाला सामने आने के बाद से ही कारसेवकपुरम में रहने वाले चंपत राय मंदिर परिसर में बने ट्रस्ट ऑफिस में ही रह रहे हैं। इस दौरान बाहर से आने वाले लोगों की एंट्री भी बंद कर दी गई थी और कोई बयान भी नहीं दिया जा रहा था। ऐसे में अचानक टिन्नू का सामने आना और चंपत राय के पक्ष में बोलना, इस शक को पक्का करता है कि ट्रस्ट के कुछ खास लोगों को बचाने के लिए ही टिन्नू को आगे किया गया है।

पर्दे के पीछे राजनीतिक दलों का भी हाथ

इस पूरे मामले में राजनीति भी हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, एक राजनीतिक दल के कुछ नेताओं ने पिछले दिनों टिन्नू से मुलाकात की थी। टिन्नू को समझाया गया था कि जिस तरह से SIT की जांच आगे बढ़ रही है, उसमें सारा ठीकरा उनके सिर ही फोड़ा जा सकता है। खुद को फंसता देख और ट्रस्ट के ही एक करीबी पदाधिकारी की सहमति मिलने के बाद, टिन्नू ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखने का फैसला किया।

SIT की जांच में हो सकता है बड़ा खुलासा

मामले की जांच कर रही SIT की जांच अब पहुंच चुकी है। सूत्रों की मानें तो SIT केवल पैसों के गबन की जांच नहीं कर रही, बल्कि मंदिर के पूरे एडमिनिस्ट्रेशन, मैनेजमेंट और दान की मॉनिटरिंग करने वाले सिस्टम को भी खंगाल रही है। कड़ियों को जोड़ने पर कई ऐसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं जो अब तक छिपे हुए थे। SIT की फाइनल रिपोर्ट इस घोटाले का पूरा सच सामने लाकर रख सकती है।

10 करोड़ की सुरक्षा, फिर भी दान पेटी साफ

इस पूरे मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था है। दस्तावेजों के अनुसार, पिछले 11 महीनों में राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बावजूद इसी दौरान दान पेटियों से पैसे गायब होना और अकाउंट्स में गड़बड़ी होना कुछ और ही चीज दिखाता है।

11 महीनों में आया 83 करोड़ का दान

ट्रस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 11 महीनों के दौरान राम मंदिर को विभिन्न माध्यमों से करीब 83 करोड़ रुपये का दान मिला था। इस कुल राशि में से सबसे बड़ा हिस्सा यानी करीब 55 करोड़ रुपये सीधे मंदिर की दान पेटियों से प्राप्त हुए थे। इसके अलावा, मंदिर के अलग-अलग काउंटरों से 18 करोड़ रुपये और ऑनलाइन माध्यमों से 8 करोड़ रुपये की राशि ट्रस्ट के खाते में आई थी। वहीं, विदेशी श्रद्धालुओं ने भी दिल खोलकर करीब 78 लाख रुपये का दान दिया, जबकि अन्य अलग-अलग स्रोतों से 1.22 लाख रुपये प्राप्त हुए थे।

Updated on:
18 Jun 2026 10:41 am
Published on:
18 Jun 2026 10:41 am