
अयोध्या : श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गबन के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। नकदी की हेराफेरी के आरोपों के बीच अब चढ़ावे में आए सोना-चांदी और कीमती जेवरातों के गायब होने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए करोड़ों रुपये मूल्य के आभूषणों का पूरा हिसाब-किताब उपलब्ध नहीं है। यहां तक कि करीब दो किलो वजनी सोने की गदा के भी गायब होने की चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामले में पहले ही पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है। उनकी निशानदेही पर करीब तीन करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इससे कहीं अधिक रकम और कीमती सामान इधर-उधर खपाया गया हो सकता है। कुछ दिन पहले तक गबन की राशि आठ करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही थी, जबकि अब सोशल मीडिया पर 200 करोड़ रुपये तक के गबन की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है और वास्तविक आंकड़ा एसआईटी जांच के बाद ही सामने आएगा।
इस पूरे मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कई पदाधिकारी भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। मंदिर की व्यवस्थाओं, दानपात्रों की निगरानी और चढ़ावे की गिनती की जिम्मेदारी ट्रस्ट से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों पर थी। इसके बावजूद इतने बड़े स्तर पर कथित गड़बड़ियों का सामने आना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि मामला सामने आने के बाद अब तक ट्रस्ट की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि चढ़ावे की गिनती का कार्य आउटसोर्सिंग के माध्यम से कराया जा रहा था। आरोप है कि कर्मचारियों के चयन में ट्रस्ट से जुड़े लोगों की भूमिका रही और कई कर्मचारी परिचितों या रिश्तेदारों के माध्यम से नियुक्त किए गए। सबसे बड़ी चूक यह रही कि चढ़ावे की गिनती करने वाले कर्मचारियों की नियमित तलाशी, सत्यापन और निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
सूत्रों का दावा है कि मंदिर में तैनात कई कर्मचारी मात्र 12 से 18 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम कर रहे थे। इसके बावजूद वे दिन-रात मंदिर परिसर में मौजूद रहते थे। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इस पूरे खेल में कुछ बैंककर्मियों या अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका तो नहीं रही।
मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने चढ़ावे में चोरी और जमीन खरीद में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं केंद्रीय मंत्री और अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और यदि चढ़ावे में चोरी हुई है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल एसआईटी जांच जारी है। करोड़ों रुपये की नकदी, सोना-चांदी और बहुमूल्य आभूषणों के वास्तविक हिसाब-किताब का सच जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।