
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए आने वाले भारतीय सेना के जवानों और अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें दर्शन पास बनवाने के लिए यात्री सेवा केंद्र या ट्रस्ट के अधिकारियों के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने डोगरा रेजीमेंटल सेंटर स्थित सैनिक सदन को नई आईडी (ID) जारी कर दी है, जिसके जरिए प्रतिदिन 300 सुगम और 100 VIP पास जारी किए जाएंगे। इस नई व्यवस्था से सैनिकों को पास बनवाने में होने वाली परेशानी खत्म होगी और राम मंदिर में दर्शन की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान हो जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत प्रतिदिन कुल 400 दर्शन पास जारी किए जाएंगे। इनमें 300 सुगम दर्शन पास और 100 VIP दर्शन पास शामिल होंगे। यह पास सैन्य अधिकारियों की अनुशंसा पर जारी किए जाएंगे। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने इस व्यवस्था को मंजूरी दे दी हैं। अब सेना के जवान और अधिकारी सीधे डोगरा रेजीमेंटल सेंटर के सैनिक सदन से ही अपने दर्शन पास बनवा सकेंगे। इससे उन्हें पहले की तरह अलग-अलग जगहों पर संपर्क करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अब तक सेना के जवानों और अधिकारियों को राम मंदिर में दर्शन के लिए स्थानीय सैन्य अधिकारियों के माध्यम से ट्रस्ट से संपर्क करना पड़ता था। खासकर बाहर से आने वाले अधिकारियों को पास बनवाने में काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। ट्रस्ट के सामने उनके सत्यापन की प्रक्रिया भी आसान नहीं थी। कई बार ऐसा भी होता था कि ट्रस्ट के जिम्मेदार अधिकारी उपलब्ध नहीं होते थे। ऐसे में जवानों को यात्री सेवा केंद्र तक जाने के बाद भी बिना पास के लौटना पड़ता था। इससे उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता था।
राम मंदिर ट्रस्ट ने पहले केवल पूर्व महासचिव चंपतराय को ही दर्शन पास जारी करने के लिए अधिकृत किया था। लेकिन चढ़ावा चोरी मामले में उनके इस्तीफा देने के बाद उनकी आईडी भी बंद कर दी गई। इसके बाद सेना के जवानों और अधिकारियों के लिए दर्शन पास बनवाना और मुश्किल हो गया था। यही वजह रही कि सैन्य अधिकारियों ने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग ट्रस्ट से की। इसके बाद अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन के साथ बैठक हुई और नई व्यवस्था पर सहमति बनी।
हालांकि ट्रस्ट ने केवल सुगम और VIP दर्शन पास जारी करने की सुविधा सैनिक सदन को दी है। आरती पास के नियम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आरती पास पहले की तरह केवल ट्रस्टियों की अनुशंसा पर ही जारी किए जाएंगे। इस व्यवस्था में आरती पास को शामिल नहीं किया गया है।
स्थानीय सैन्य अधिकारियों ने हाल ही में अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन से मुलाकात कर सैनिकों को हो रही दिक्कतों से अवगत कराया था। बैठक में समाधान पर सहमति बनने के बाद सैनिक सदन के नाम से नई आईडी जारी करने का फैसला लिया गया। अब डोगरा रेजीमेंटल सेंटर से ही सेना के जवानों और अधिकारियों के दर्शन पास बनाए जाएंगे। इससे पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो जाएगी।