
Ram Mandir Donation Controversy:राम मंदिर में चंदा-चोरी मामले में सियासत और बयानबाजी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। विपक्षी दलों के हमलों के बीच अब अयोध्या तपस्वी छावनी के जगद्गुरु 'परमहंस आचार्य' ने इस मामले में एक बेहद विवादित बयान देकर नई बहस छेड़ दी है। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिससे बवाल मच गया है।
चंदा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों को मिलने वाली सजा पर बात करते हुए परमहंस आचार्य ने हैरान करने वाली मांग रखी है। आचार्य ने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार यादव जी यानी टिन्नू यादव को फांसी की सजा होनी चाहिए। वहीं उन्होंने आगे कहा कि बाकी आरोपियों जैसे मिश्रा, शुक्ला और पांडे जी को सिर्फ छह-छह महीने की सजा दी जानी चाहिए और उसके बाद उन्हें छोड़ दिया जाना चाहिए।
परमहंस आचार्य का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। एक ही अपराध में शामिल अलग-अलग आरोपियों के लिए जाति के आधार पर सजा के अलग-अलग पैमाने की मांग करने पर लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं। इस बयान को लोग सीधे तौर पर जातिगत भेदभाव से जोड़कर देख रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि अपराध में शामिल सभी लोगों को एक समान सजा क्यों नहीं मिलनी चाहिए।
ट्रस्ट ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर विश्वास दिलाया है कि भविष्य में ऐसी कोई भी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति दोबारा नहीं बनेगी। अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने की प्रतिबद्धता जताते हुए ट्रस्ट ने कहा है कि असामाजिक और स्वार्थी तत्वों द्वारा सनातन धर्म पर लांछन लगाने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा। इसके साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे भ्रामक और निराधार अफवाहों से बचें और किसी के बहकावे में न आएं।
गौरतलब है कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान गबन और हेराफेरी के मामले में ट्रस्ट के सदस्य की शिकायत पर पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों में रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष और करुणेश के नाम शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ नई भारतीय न्याय संहिता यानी (BNS) के तहत चोरी और आपराधिक साजिश रचने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।