
Ram Mandir Chadhawa Case Update Ayodhya:उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन और चोरी के मामले की जांच के लिए नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया है। नई SIT का नेतृत्व IG लखनऊ रेंज किरण एस करेंगे, जबकि अयोध्या रेंज के DIG सोमेन वर्मा और अयोध्या के SSP डॉ. गौरव ग्रोवर को टीम का सदस्य बनाया गया है।
सरकार का मानना है कि वरिष्ठ IPS अधिकारियों की अगुवाई में जांच अधिक प्रभावी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ सकेगी।
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को वरिष्ठ IPS अधिकारी के नेतृत्व में नई SIT गठित करने का निर्देश दिया था। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिया, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन भी शामिल थे।
कोर्ट ने राज्य सरकार से 27 जुलाई तक जांच की ताजा स्थिति (स्टेटस रिपोर्ट) भी प्रस्तुत करने को कहा है। इसी आदेश के अनुपालन में राज्य सरकार ने नई SIT का गठन किया है। सूत्रों के अनुसार, टीम ने जांच का काम शुरू भी कर दिया है।
इस मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने 13 जून को पहली SIT का गठन किया था। उस टीम में:
-लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत,
-IG लखनऊ रेंज किरण एस
-विशेष सचिव (वित्त) नील रतन
सदस्य के रूप में शामिल थे।
पहली SIT की जांच और सिफारिशों के आधार पर कई महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जांच को और मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नेतृत्व वाली नई टीम गठित करने का निर्देश दिया।
यह मामला श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की कथित चोरी और गबन से जुड़ा है।
पहली SIT ने जांच के दौरान:
-मंदिर के CCTV फुटेज खंगाले,
-दान रजिस्टरों की जांच की,
-कैश हैंडलिंग प्रक्रिया का परीक्षण किया
-वित्तीय रिकॉर्ड का मिलान किया,
-मंदिर के कई कर्मचारियों से पूछताछ की।
जांच के दौरान तैयार शुरुआती रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की ओर संकेत किया गया था।
SIT की जांच के आधार पर पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों ने आरोपी के पास से कथित गबन से खरीदी गई संपत्तियां, नकदी, वाहन, निवेश संबंधी दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड बरामद किए थे। इसके अलावा कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाकर डिजिटल सबूत और बैंकिंग लेन-देन की भी जांच की गई।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चोरी और वित्तीय अनियमितताओं जैसे मामलों की आपराधिक जांच अनुभवी पुलिस अधिकारियों की निगरानी में अधिक प्रभावी ढंग से हो सकती है। इसी कारण अदालत ने वरिष्ठ IPS अधिकारी के नेतृत्व में नई SIT गठित करने का निर्देश दिया।
IG किरण एस
वर्ष 2008 बैच के IPS अधिकारी किरण एस इंटरपोल और सीबीआई जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें नई SIT का अध्यक्ष बनाया गया है।
DIG सोमेन वर्मा
2012 बैच के IPS अधिकारी सोमेन वर्मा मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। वह फरवरी 2026 से अयोध्या रेंज के DIG के रूप में कार्यरत हैं और अब SIT के सदस्य होंगे।
SSP डॉ. गौरव ग्रोवर
2013 बैच के IPS अधिकारी डॉ. गौरव ग्रोवर मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के निवासी हैं। IPS बनने से पहले वह MBBS डॉक्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वह अयोध्या के SSP हैं।