अयोध्या

Ram Mandir Donation Dispute Update: रकम पार करने और बंटवारे की बातचीत WhatsApp पर मिली; कई और बनाए गए आरोपी

Ram Mandir Donation Dispute Row Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा अपडेट सामने आया है। रकम पार करने और बंटवारे की बातचीत WhatsApp पर मिली है।
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Jul 03, 2026
ram mandir donation dispute row conversations about transferring and dividing money found on whatsapp
राम मंदिर दान विवाद केस अपडेट। (फोटो- पत्रिका)

Ayodhya Ram Mandir Donation Dispute Update:राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। गुरुवार को विशेष जांच दल (SIT) एक बार फिर अयोध्या पहुंचा और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों से करीब 4 घंटे तक गहन पूछताछ की। इस दौरान महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव से चढ़ावे की गणना, ऑडिट प्रक्रिया और वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़े कई सवाल पूछे गए। टीम ने ऑडिट से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं।

ऑडिट रिकॉर्ड की गहन पड़ताल में जुटी एसआईटी

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कई सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिल सके, जिसके बाद जांच का दायरा और बढ़ाने का फैसला किया गया है। SIT ने ट्रस्ट से अब तक कराए गए सभी ऑडिट का विस्तृत रिकॉर्ड और लेखा-जोखा मांगा है। अधिकारियों का मानना है कि पूरा दस्तावेज मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई या नहीं और यदि हुई तो उसका स्वरूप क्या था।

पुलिस ने समझी चढ़ावा गणना की पूरी प्रक्रिया

इधर, मामले की आपराधिक विवेचना कर रहे सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी अपनी टीम के साथ राम मंदिर परिसर पहुंचे। उन्होंने दान पात्र से राशि निकालने, उसकी गणना और बैंक में जमा करने तक की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच टीम ने मौके पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी कब्जे में लेकर जांच के लिए सुरक्षित कर ली है।

आरोपी के गांव पहुंची पुलिस टीम

जांच के सिलसिले में पुलिस की एक टीम आरोपी अविनाश शुक्ला के प्रतापगढ़ स्थित पैतृक गांव भी पहुंची। वहां करीब आधे घंटे तक परिजनों से पूछताछ की गई और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए गए। पुलिस इन दस्तावेजों को केस से जुड़े अन्य साक्ष्यों के साथ मिलान कर रही है।

WhatsApp चैट से सामने आया कथित बंटवारे का पूरा नेटवर्क

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अहम WhatsApp चैट मिली हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन चैट में कथित तौर पर रकम निकालने, उसे सुरक्षित रखने और बाद में आपस में बांटने को लेकर बातचीत हुई है। चूंकि गणना के दौरान खुलकर बातचीत करना संभव नहीं होता था, इसलिए आरोपी कथित तौर पर व्हाट्सएप मैसेज के जरिए पूरी योजना बनाते थे। पुलिस ने इन चैट को विवेचना में महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य के रूप में शामिल किया है और मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।

डिलीट चैट और तस्वीरों की भी हो रही जांच

जांच एजेंसियों को कई मोबाइल फोन में WhatsApp चैट डिलीट किए जाने के संकेत भी मिले हैं। पुलिस डिजिटल फोरेंसिक तकनीक की मदद से इन डिलीट मैसेजों को रिकवर करने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा कुछ मोबाइल फोन से ऐसे वीडियो और तस्वीरें भी मिली हैं, जिनमें आरोपी पार्टी करते हुए और बड़ी मात्रा में नकदी के साथ दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इन तस्वीरों और वीडियो की भी सत्यता की जांच कर रही है।

जांच का दायरा बढ़ा, नए लोगों पर भी शिकंजा

पुलिस अब तक मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई पदाधिकारियों, कर्मचारियों, निजी सुरक्षा कर्मियों और गणनाकर्मियों से पूछताछ कर चुकी है। पूछताछ के आधार पर तीन से चार और लोगों को आरोपी बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार, बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और उन्हें आरोपी बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की भी सहायता ले रही है।

छह जुलाई की ट्रस्ट बैठक पर टिकी निगाहें

मामले के बीच अब छह जुलाई को प्रस्तावित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर सभी की नजरें हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। दोनों से पूरे मामले में लिखित और मौखिक स्पष्टीकरण मांगे जाने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो यह जांच और ट्रस्ट की आंतरिक कार्रवाई, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।