
Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव से जिला जेल में करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की गई, जिसमें पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। पूछताछ के दौरान चोरी की रकम, उसके निवेश, खरीदी गई संपत्तियों और पूरे नेटवर्क को लेकर सवाल किए गए। जांच में मिले नए इनपुट के बाद पुलिस अब दोनों आरोपियों की कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी में जुट गई है, ताकि मामले से जुड़े और बड़े खुलासे किए जा सकें।
सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा की कस्टडी रिमांड पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों को फिर जिला जेल भेज दिया। इसके बाद गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी और विवेचक अपनी टीम के साथ जिला जेल पहुंचे। यहां उन्होंने टिन्नू और मनीष यादव से करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ में पुलिस ने चोरी के चढ़ावे की रकम कहां रखी गई, उसका इस्तेमाल कहां हुआ और उससे कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदी गईं, इस बारे में जानकारी ली। साथ ही इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका और पूरे नेटवर्क को लेकर भी दोनों आरोपियों से सवाल किए।
पूछताछ में मिली जानकारियों का मिलान राजस्व विभाग से प्राप्त जमीन संबंधी अभिलेखों से भी किया गया। जांच के दौरान टिन्नू से जुड़ी कुछ जमीनों की जानकारी सामने आई है, जिनका सत्यापन कराया जा रहा है। इसके अलावा पुलिस को चोरी की रकम के निवेश और कुछ अन्य लोगों की संभावित भूमिका से जुड़े कई नए इनपुट भी मिले हैं। अब जांच एजेंसियां इन सभी तथ्यों की अलग-अलग स्तर पर पुष्टि करने में जुटी हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि टिन्नू और मनीष की कस्टडी रिमांड मिल जाती है तो मामले में कई अहम खुलासे हो सकते हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ में चोरी की रकम के ठिकाने, उसके इस्तेमाल और पूरे नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आएंगे। साथ ही नई बरामदगी की भी संभावना जताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि अभी तक मिले सुराग आगे की जांच में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इसी आधार पर अदालत में कस्टडी रिमांड के लिए आवेदन करने की तैयारी चल रही है।
सूत्रों का कहना है कि अब तक पूछताछ और जांच में जो जानकारियां सामने आई हैं, उनका सत्यापन किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस अदालत में कस्टडी रिमांड का अनुरोध करेगी, ताकि दोनों आरोपियों से विस्तार से पूछताछ की जा सके। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह चरण राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है। इससे न सिर्फ चोरी की रकम का पूरा हिसाब सामने आने की उम्मीद है, बल्कि पूरे नेटवर्क और उसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है।