
Ram Mandir Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़वा चोरी (Ayodhya Ram Mandir Donation Theft) मामले में पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। अब कांग्रेस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi), बीजेपी और RSS पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन पीएम मोदी ने किया था।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा- यह भाजपा द्वारा करोड़ों भारतीयों की आस्था पर करारा प्रहार है। इस ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसमें PM मोदी द्वारा चुने गए भाजपा, RSS और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के लोग शामिल हैं। कांग्रेस नेता ने कहा- ट्रस्ट पर शुरू से ही भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। कोई निष्पक्ष जांच नहीं हुई है।
ट्रस्ट के सदस्यों ने खुद कहा है कि यह भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि डकैती है। देश के लोग राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर भरोसा नहीं करते। ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाना चाहिए और इस मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा की जानी चाहिए। इस मामले में शामिल सभी लोगों को, जिन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है, उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
SIT द्वारा अयोध्या राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) चढ़ावा चोरी मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपने के बाद 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तारी के अलावा SIT जांच में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से जुड़े कई बड़ा खुलासे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में पाया गया है कि चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बीच तय की गई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी SOP का पालन नहीं किया गया।
SIT की जांच में सामने आया है कि चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बीच तय की गई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन नहीं किया गया। रिपोर्ट में इसे गंभीर और कथित रूप से जानबूझकर की गई लापरवाही माना है।