
Vinay Katiyar Makes Big Claim on Ayodhya Ram Temple Donation Case Amid Ongoing SIT Probe: अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर की दान राशि में कथित हेराफेरी के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि दान राशि में अनियमितता हुई है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत हुई थी। कटियार ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और उन्हें विश्वास दिलाया कि जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
विनय कटियार का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। जांच एजेंसियां वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और किसी भी आरोपी के खिलाफ अदालत द्वारा दोष सिद्ध नहीं किया गया है।
मीडिया से बातचीत के दौरान विनय कटियार ने कहा कि उनके अनुसार इस मामले में दान की राशि का दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने कहा, "यह स्पष्ट है कि पैसे की हेराफेरी हुई है।" हालांकि यह उनका व्यक्तिगत दावा है और इसकी पुष्टि जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट से होना बाकी है। कटियार ने कहा कि पूरा मामला जांच के दायरे में है और सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
अपने बयान में विनय कटियार ने कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा की थी। उनके अनुसार प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा था कि भविष्य में इस मामले का क्या परिणाम हो सकता है। कटियार ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि जांच पूरी होने के बाद सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
विनय कटियार ने अपने बयान में यह भी कहा कि जांच आगे बढ़ने पर कुछ लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में चंपत राय, गोपाल राव और डॉ. अनिल मिश्रा के जेल जाने की संभावना हो सकती है।
हालांकि यह उनका व्यक्तिगत अनुमान और राजनीतिक बयान है। जांच अभी जारी है और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध किसी अदालत ने कोई दोष सिद्ध नहीं किया है। इसलिए इस संबंध में अंतिम निर्णय केवल जांच रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
राम मंदिर की दान राशि में कथित हेराफेरी के मामले की जांच उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। जांच एजेंसियां वित्तीय दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड, दान प्रबंधन व्यवस्था और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं। हाल के दिनों में पुलिस ने एक आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की है। जांच टीम अयोध्या में कई दौर की कार्रवाई कर चुकी है और विभिन्न दस्तावेजों का परीक्षण जारी है।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होती जा रही है। विपक्ष सरकार और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।
हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने भी कहा था कि विपक्ष को जांच पूरी होने तक धैर्य रखना चाहिए और एसआईटी को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने देना चाहिए। वहीं बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए कानून और एसआईटी पर भरोसा जताया था।