आजमगढ़

UP में 9 साल से नकली नौकरी का खेल; खतरे में बच्चों का भविष्य! फर्जी टीचर्स के हाथ में छात्र-छात्राओं की कमान

UP Crime: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। फर्जी टीचर्स के हाथ में छात्र-छात्राओं की कमान सौंप दी गई। जानिए क्या है ये पूरा मामला?
less than 1 minute read
Aug 13, 2025
UP Crime
फर्जी टीचर्स के हाथ में छात्र-छात्राओं की कमान। फोटो सोर्स-ai

UP Crime: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी मदद से चलने वाले प्राथमिक विद्यालय में तैनात सभी 25 सहायक शिक्षक फर्जी पाए गए हैं। 25 शिक्षकों की नियुक्ति फर्जी पाए जाने के बाद, उन सभी और स्कूल प्रबंधक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

आजमगढ़ में फर्जी टीचर्स के खिलाफ FIR

जांच में पता चला है कि बिना किसी कानूनी प्रक्रिया और जरूरी मंजूरी के 2014 में इन टीचर्स की नियुक्तियां की गई थी। सभी टीचर्स की ज्वाइनिंग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई थी।

कैसे हुआ मामले का खुलासा

समाज कल्याण विभाग द्वारा स्कूल में अनियमितताओं की सूचना दिए जाने के बाद, अधिकारियों की एक समिति द्वारा जांच की गई। जिसमें सहायक शिक्षकों की नियुक्ति में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में पता चला कि स्कूल 2014 से बिना किसी कानूनी प्रक्रिया और नियमों को ताक में रखकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्तियां कर रहा था।

मामले को लेकर SSP ने क्या कहा?

मामले को लेकर, आजमगढ़ के SSP हेमराज मीणा ने कहा, "बिना अनुमति और आवश्यक नियमों के 25 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के आरोप में जिला समाज कल्याण अधिकारी से शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने बीएनएस की धारा 316(5) (आपराधिक विश्वासघात) और 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत FIR दर्ज की है।"

2014 से अब तक चलने वाले फर्जी टीचर्स के तैनाती के खेल में ना सिर्फ विभागीय मंजूरी की अनदेखी की गई बल्कि सरकारी मदद का भी दुरुपयोग किया गया। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यह गड़बड़ी इतने साल तक कैसे दबकर चलती रही? सवाल ये कि निगरानी तंत्र कहां सोया रहा?

Published on:
13 Aug 2025 01:00 pm