
दावणगेरे। कर्नाटक मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार और विभागों के बंटवारे को लेकर लगाए जा रहे ब्लैकमेल के आरोपों को चन्नगिरी के कांग्रेस विधायक शिवगंगा बसवराज ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल गठन और विभाग आवंटन की पूरी प्रक्रिया पार्टी नेतृत्व के निर्णय के अनुसार हुई है और इसमें किसी प्रकार का दबाव या ब्लैकमेल नहीं हुआ। दावणगेरे में पत्रकारों से बातचीत में बसवराज ने कहा कि विभागों के बंटवारे में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के करीबी नेताओं को प्राथमिकता दिए जाने के आरोप निराधार हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कोई भी विधायक या मंत्री किसी एक नेता का नहीं, बल्कि पार्टी का प्रतिनिधि है। मंत्रियों की सूची में सामने आए भ्रम पर शिवगंगा बसवराज ने कहा कि यह केवल लिपिकीय त्रुटि (क्लेरिकल मिस्टेक) का परिणाम हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल गठन में क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ पिछड़ा वर्ग, बाएं और दाएं हाथ के समुदायों तथा साधु लिंगायत सहित विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधित्व का ध्यान रखा गया है। यह निर्णय पार्टी आलाकमान ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया है।
उन्होंने एसएस मल्लिकार्जुन सहित अन्य नेताओं पर लगाए जा रहे ब्लैकमेल के आरोपों को भी निराधार बताया। उनका कहना था कि किसी भी विधायक या नेता ने मंत्री पद के लिए न तो इस्तीफे की धमकी दी और न ही किसी प्रकार का दबाव बनाया। सभी विधायक एकजुट हैं और पार्टी आलाकमान तथा मुख्यमंत्री के निर्णय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर असंतोष थमने का नाम नहीं ले रहा है। नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के दो दिन बाद भी मंत्री पद से वंचित विधायकों की नाराजगी और समर्थकों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
इस बीच नाराज विधायकों को मनाने के लिए पार्टी नेतृत्व ने व्यापक स्तर पर बातचीत की। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस महासचिव व प्रदेश मामलों के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने दिनभर कई वरिष्ठ नेताओं और विधायकों से मुलाकात कर उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश की। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और रणदीप सिंह सुरजेवाला ने विजयनगर के विधायक एम कृष्णप्पा और उनके बेटे व गोविंदराजनगर के विधायक प्रिया कृष्णा से उनके आवास पर मुलाकात की। उनके साथ पार्टी सचिव अभिषेक दत्ता, मंत्री बीजेड जमीर अहमद खान और मंत्री एचसी बालकृष्ण समेत अन्य नेता भी थे। एक दिन पहले भी मंत्री एचसी बालकृष्ण और एन. चेलुवरायस्वामी कृष्णप्पा को मनाने पहुंचे थे।