Patrika Raksha Kavach Abhiyan : दक्षिण राजस्थान का पहला मामला। सीबीआइ अफसर बन बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट किया। जानें फिर क्या हुआ।
Patrika Raksha Kavach Abhiyan : बांसवाड़ा शहर में एक सेवानिवृत्त सरकारी कार्मिक को डिजिटली अरेस्ट कर ठगों ने उससे साढ़े छह लाख रुपए बाड़मेर के बालोतरा की बैंक शाखा के खाते में डलवा लिए। बांसवाड़ा में डिजिटल अरेस्ट का यह पहला मामला है। ठग ने खुद को सीबीआइ अफसर बताया और आतंकवादी फंडिंग में लिप्तता की कहानी रचकर वृद्ध को धमकाया। साढ़े छह लाख रुपए ठगने के बाद फर्जी सीबीआइ अफसर ने उसे बातचीत और कान्टैक्ट डिलीट करने के लिए भी धमकाया और दस लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की, तब बुजुर्ग को संदेह हुआ और उसने पुलिस से मदद मांगी।
पुलिस के मुताबिक बांसवाड़ा में पीडब्ल्यूडी से रिटायर पृथ्वीगंज निवासी मोहम्मद सईद खान पठान ने दी रिपोर्ट में बताया कि गत 5 फरवरी को उन्हें सुबह करीब 10 बजे मोबाइल पर कॉल आया। खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कॉलर ने कहा- ‘आपके आधार का कार्ड का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में हुआ है।’ उसने पठान पर महिला का यौन शोषण और आतंकवादी फंडिंग जैसी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप बताए और वित्त मंत्रालय से शिकायत होने की जानकारी देकर यहां तक कहा कि प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेकर गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
फिर कॉलर ने एक वाट्सएप नम्बर देकर कहा कि आगे उनके उच्च अधिकारी वीडियोकॉल से बात करेंगे। बताए गए नंबर से वारंट का फोटो भेजकर पठान से उसने कहा ‘तुम्हें तत्काल हाउसरेस्ट-डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। अनुमति के बिना घर में किसी से इस बारे में बात नहीं कर सकते, न ही कमरे से बाहर निकलें। तुम्हें वही करना होगा, जो बताया जा रहा है।’
वीडियो कॉल काटने से मना कर कॉलर ने कहा- ‘आपके पास 3 घंटे हैं।’ फिर बैंक खाते और उसमें पड़ी राशि की जानकारी लेकर कॉलर ने चैकबुक, बैंक डायरी और आधार कार्ड लेकर वीडियो कॉल चालू रखते हुए बैंक जाने को कहा। बैंक पहुंचने पर कॉलर ने कहा कि कार्रवाई से बचना है तो बताए खाते में चेक से राशि ट्रांसफर करें।
यूनियन बैंक, बालोतरा का एकाउंट नम्बर और आइफएस कोड भेजकर कॉलर ने धमकी दी कि ऐसा नहीं किया तो सुप्रीम कोर्ट में संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहने की कार्रवाई होगी और पूरी जिंदगी जेल में रहना पड़ेगा। तब घबराकर पठान ने छह लाख 57 हजार 47 रुपए बताए गए खाते में डलवा दिए।
पैसे ट्रांसफर होते ही कॉलर ने बातचीत का रिकॉर्ड डिलीट करवाने के बाद 10 लाख रुपए और मांगे। धमकाया कि पैसे नहीं दिए तो कड़ी कार्रवाई कराएगा। उसे अंगुलियों के नाखुन निकालने जैसा थर्ड डिग्री टॉर्चर किया जाएगा। पठान को अहसास हुआ कि उसके साथ साइबर ठगी हुई। कोतवाली थानाधिकारी देवीलाल जांच कर रहे हैं।