बरेली

ईद-उल-अज़हा पर बरेली में दिखा भाईचारे का रंग, काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद मियां ने अदा कराई नमाज़

Bareilly शहर भर में ईद-उल-अज़हा का त्योहार गुरुवार को पूरी अकीदत, अमन-ओ-सुकून और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह होते ही ईदगाह समेत शहर की छोटी-बड़ी मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

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May 28, 2026
ईद की नमाज़ में उमड़ी भीड़ फोटो सोर्स - Patrika

बरेली : शहर भर में ईद-उल-अज़हा का त्योहार गुरुवार को पूरी अकीदत, अमन-ओ-सुकून और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह होते ही ईदगाह समेत शहर की छोटी-बड़ी मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी, जबकि मुल्क में अमन, खुशहाली और भाईचारे के लिए खास दुआएं मांगी गईं। इसके साथ ही सुन्नते इब्राहीमी यानी कुर्बानी का सिलसिला भी शुरू हो गया, जो 30 मई की शाम तक जारी रहेगा।

शहर की मुख्य नमाज़ बाकरगंज स्थित ईदगाह में सुबह 10 बजे अदा की गई, जहां काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रज़ा कादरी उर्फ असजद मियां ने ईद की नमाज़ पढ़ाई। नमाज़ के बाद खुत्बा हुआ और फिर मुल्क की तरक्की, अमन और इंसानियत के लिए खुसूसी दुआ की गई। नमाज़ के बाद ईदगाह में लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।

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खुले में कुर्बानी न करने और सफाई रखने की अपील

इस मौके पर जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान उर्फ फरमान मियां ने लोगों को ईद की मुबारकबाद देते हुए अपील की कि कुर्बानी के दौरान हमवतन भाइयों की भावनाओं का ख्याल रखा जाए और खुले में कुर्बानी न की जाए। उन्होंने साफ-सफाई बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। ईदगाह कमेटी के सदर खलील अहमद ने भी लोगों को गले मिलकर मुबारकबाद दी।

मस्जिदों में बयान हुई हजरत इब्राहीम की कुर्बानी

शहर की मस्जिदों और दरगाहों में इमामों ने हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम और हजरत इस्माईल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी का मशहूर वाकया बयान किया। उलेमाओं ने कहा कि मुसलमानों को जरूरत पड़ने पर अल्लाह की राह में अपनी सबसे प्यारी चीज कुर्बान करने से पीछे नहीं हटना चाहिए।

सुबह 5:40 बजे शुरू हुआ नमाज़ का सिलसिला

सबसे पहले बाजार संदल स्थित दरगाह वली मियां की चांद मस्जिद और जखीरा की दुलिया वाली मस्जिद में सुबह 5:40 बजे नमाज़ अदा की गई। इसके बाद शहर की अलग-अलग मस्जिदों और दरगाहों में अलग-अलग समय पर ईद की नमाज़ हुई दरगाह ताजुश्शरिया पर सुबह 6:30 बजे, दरगाह शाह शराफत अली मियां में 6:45 बजे, खानकाह-ए-वामिकिया निशातिया में 7:30 बजे, खानकाह-ए-नियाजिया, दरगाह बशीर मियां और दरगाह रफीकुल औलिया में साढ़े आठ बजे नमाज़ अदा की गई। वहीं किला की जामा मस्जिद, नौमहला मस्जिद और दरगाह शाहदाना वली पर सुबह 9 बजे नमाज़ हुई। गढ़ी चौकी स्थित गढ़ी मस्जिद में नमाज़ दो शिफ्टों में अदा की गई। यहां पहली जमात सुबह 7 बजे और दूसरी 7:30 बजे हुई।

रज़ा मस्जिद में सबसे आखिर में हुई नमाज़

दरगाह आला हजरत मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि सबसे आखिर में दरगाह आला हजरत स्थित रज़ा मस्जिद में सुबह 10:30 बजे मुफ्ती ज़ईम रज़ा ने नमाज़ अदा कराई। यहां अल्लामा तौसीफ रज़ा खान उर्फ तौसीफ मियां ने खास दुआ कराई। इस दौरान दरगाह प्रमुख हजरत सुब्हानी मियां, सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां समेत खानदान के बुजुर्ग और बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।

घरों में सजी दावतें, देर रात तक चला पकवानों का दौर

कुर्बानी के बाद घरों में दावतों और मेहमाननवाजी का सिलसिला शुरू हो गया। शहरभर में सेवइयों के साथ तरह-तरह के पकवान तैयार किए गए। रिश्तेदारों और दोस्तों का एक-दूसरे के घर आने-जाने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा और पूरा शहर ईद की खुशियों में डूबा नजर आया।

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