बरेली

UP पुलिस का बर्खास्त सिपाही पत्नी के साथ मिलकर चलाता था अपराध का गिरोह, बरेली पुलिस ने जाल बिछाकर 3 को दबोचा

बरेली पुलिस ने फर्जी मुकदमों और रंगदारी के खेल में शामिल एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग का खुलासा करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी बर्खास्त सिपाही, उसकी पत्नी और एक साथी को गिरफ्तार किया है।
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Jun 19, 2026
Three criminals arrested
अपराध का गिरोह चलाने वाले 3 शातिर गिरप्तार (फोटो- पत्रिका)

Bareilly News: पुलिस ने फर्जी मुकदमों और रंगदारी के खेल में शामिल एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी बर्खास्त सिपाही, उसकी पत्नी और एक साथी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूलने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस के मुताबिक गिरोह में महिलाएं भी सक्रिय भूमिका निभाती थीं और अब बाकी आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

भमोरा थाना क्षेत्र के गांव चांदपुर निवासी अंकुर मिश्रा उर्फ प्रभात मिश्रा की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की। पीड़ित का कहना था कि आरोपियों ने संगठित गिरोह बनाकर उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और मामले से राहत दिलाने के नाम पर 3 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। रकम देने से इनकार करने पर गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। शिकायत के आधार पर भमोरा पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

SSP के अभियान से पीड़ित को मिला न्याय

एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार सुबह पुलिस को बड़ी सफलता मिली। मुखबिर की सूचना पर सदर नगर पुल के पास घेराबंदी कर 25 हजार रुपये के इनामी सुरकेश शर्मा, उसकी पत्नी कृतिका शर्मा और साथी ओमवीर को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि सुरकेश शर्मा उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही था। चंदौली में तैनाती के दौरान उस पर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उसके खिलाफ डिप्टी सीएम तक शिकायत पहुंची थी।

सुरकेश शर्मा पर 18 मुकदमे दर्ज

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सुरकेश शर्मा पर भमोरा, सुभाषनगर और इज्जतनगर समेत विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, रंगदारी, दुष्कर्म, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट सहित 18 मुकदमे दर्ज हैं। लंबे समय से वह पुलिस की निगरानी में था और इस मामले में फरार चल रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह में कई महिलाएं शामिल थीं। पुलिस का दावा है कि महिलाओं की मदद से लोगों पर दबाव बनाकर पहले भी कई फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए। नामजद 11 आरोपियों में से फिलहाल तीन गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

Updated on:
19 Jun 2026 09:07 pm
Published on:
19 Jun 2026 09:07 pm