
BAREILLY NEWS: शहर में आईक्रस्ट शोरूम के मालिक आशुतोष अग्रवाल ने पूर्व राज्यसभा सांसद और आप पार्टी के पंजाब में कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा से सात करोड़ का कारोबार किया था। 2023 और 24 में आईपैड, लैपटाप और मोबाइल बेचे थे। बदले में मंत्री संजीव अरोड़ा की कंपनी हैम्पटन स्काई रियलिटी के खाते से सात करोड़ रुपये उनके एकाउंट में ट्रांसफर हुये थे। संजीव अरोड़ा के खिलाफ मनी लाड्रिंग के मामले की जांच करते हुये ईडी बरेली पहुंची थी।
प्रेमनगर के मारवाड़ीगंज के रहने वाले आशुतोष अग्रवाल के घर पर मंगलवार सुबह से ईडी की जांच चल रही है। तीन अधिकारियों की टीम ने उनके घर और तीन अधिकारियों की टीम ने उनके सिविल लाइंस स्थित आफिस की जांच पड़ताल की। उनके बैंक एकाउंट खंगाले गये। उनके खातों में हुये कैश ट्रांसफर और लेनदेन की जांच की गई। तीन दिन की जांच पड़ताल में ईडी को मामला मनी लाड्रिंग का नहीं मिला है। सात करोड़ रुपये उनके खाते में आनलाइन आये हैं। खातों से कैश नहीं निकाला गया है। इस वजह से ईडी की टीम ने उन्हें नोटिस जारी कर आठ दिन में जवाब देने के निर्देश दिये हैं। गुरुवार शाम को ईडी की टीम खाली हाथ दिल्ली रवाना हो गई। ईडी को बैंक और बही खातों में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है।
आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2023-24 के दौरान दो बार रितेश प्रॉपर्टीज वर्तमान में हैम्पटन स्काई रियलिटी को करीब सात करोड़ रुपये के लैपटॉप और आईपैड की सप्लाई की थी। इस व्यापारिक सौदे का भुगतान बैंकिंग माध्यम से उनके खाते में प्राप्त हुआ था। ईडी इसी ट्रांजैक्शन की सत्यता और उसके वित्तीय स्रोतों की जांच की। हालांकि ईडी की टीम मनी लाड्रिंग के केस से उन्हें नहीं जोड़ पाई। पंजाब में सामने आए 100 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में देश के विभिन्न राज्यों में एक साथ छापेमारी की गई थी। बरेली में हुई कार्रवाई को भी इसी जांच का हिस्सा माना जा रहा है। ईडी सिर्फ सात करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन तक सीमित नहीं है। एजेंसी यह भी जांच रही है कि आशुतोष अग्रवाल के व्यापारिक नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हैं, विभिन्न कंपनियों के साथ उनका वास्तविक कारोबार कितना है और घोषित टर्नओवर के मुकाबले व्यापारिक गतिविधियां कितनी हैं।
आशुतोष अग्रवाल कई प्रतिष्ठित ब्रांड्स और कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर हैं। ऐसे में उनके यहां हुई ईडी की कार्रवाई ने बरेली समेत आसपास के व्यापारिक क्षेत्रों में हलचल बढ़ा दी है। तीन दिन से पूरा परिवार तनाव और दबाव के बीच गुजर रहा था। हालांकि उन्होंने धैर्य बनाये रखा। ईडी की टीम का पूरा सहयोग किया। ईडी को बैंक खाते से लेकर लेनदेन के संबंध और कंपनी के बिल के बारे में जो भी साक्ष्य चाहिये थे। आशुतोष अग्रवाल ने वह सब उन्हें मुहैया कराया। तीन दिन से परिवार के लोग ईडी के सवालों का सामना कर रहे थे। गुरुवार को जैसे ही टीम उनके घर और बरेली से रवाना हुई। परिवार वालों ने चैन की सांस ली।