बाड़मेर

Success Story: कैंसर से लड़ते-लड़ते पिता की चली गई जान, फिर भी नहीं डिगा हौसला; बालोतरा के भूपेंद्र ने हासिल की 9वीं रैंक

RAS Success Story: गिड़ा क्षेत्र के केसुंबला भाटियान निवासी भूपेंद्र सिंह ने 9वीं रैंक और कल्याणपुर के परालिया धामट निवासी कैलाश कुमार ने 13वीं रैंक प्राप्त की है। गिड़ा पंचायत समिति के केसुंबला गांव निवासी भूपेंद्र ने चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की।

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Apr 19, 2026
अपने परिवार के साथ भूपेंद्र सिंह (फोटो- पत्रिका)

RAS Success Story Balotra: बालोतरा: राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की प्रशासनिक सेवा परीक्षा के परिणामों में बालोतरा जिले ने शानदार सफलता दर्ज की है। जिले के दो प्रतिभाशाली युवाओं ने आरएएस में चयन हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले को गौरवान्वित किया है।

गिड़ा क्षेत्र के केसुंबला भाटियान निवासी भूपेंद्र सिंह ने 9वीं रैंक और कल्याणपुर के परालिया धामट निवासी कैलाश कुमार ने 13वीं रैंक प्राप्त कर सफलता का जिले का नाम रोशन किया है।

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केसुंबला गांव निवासी भूपेंद्र सिंह ने हासिल की 9वीं रैंक

गिड़ा पंचायत समिति के केसुंबला गांव निवासी भूपेंद्र सिंह ने चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की। उनके पिता सेवानिवृत्त पटवारी थे। परिवार में दो भाई और चार बहनें हैं, जिनमें भूपेंद्र सबसे छोटे हैं। भूपेंद्र से 13 साल बड़े भाई ने भी वर्ष 2009 में आरएएस परीक्षा में 9वीं रैंक प्राप्त की थी।

भूपेंद्र वर्तमान में अपने परिवार के साथ बीजेएस जोधपुर में रहकर तैयारी कर रहे थे। तैयारी के दौरान उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। कैंसर से पीड़ित पिता की गंभीर बीमारी के कारण उन्हें ढाई साल तक पढ़ाई छोड़कर घर की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी।

पिता के निधन के बाद उन्होंने फिर से पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया और इस प्रयास में सफलता प्राप्त की। उन्होंने बताया कि उनके पिता का सपना था कि दोनों बेटे अधिकारी बनें, जो अब पूरा हो गया है।

कैलाश कुमार को निरंतर प्रयास से मिली 13वीं रैंक

कल्याणपुर के परालिया धामट निवासी कैलाश कुमार ने भी चौथे प्रयास में आरएएस परीक्षा में 13वीं रैंक प्राप्त की है। इससे पहले आरएएस 2023 में उनकी रैंक कम रही थी, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य को पाने का प्रयास जारी रखा और इस बार 13वीं रैंक हासिल कर सफलता का परचम लहराया है।

कैलाश ने बताया कि उन्होंने कभी कोचिंग का सहारा नहीं लिया और लंबे समय तक नियमित सेल्फ स्टडी के माध्यम से तैयारी की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग को दिया।

परिवार में पिता सागरराम और छोटा भाई दोनों शिक्षक हैं। वहीं, माता प्रेमी देवी और दो बहनें हैं। कैलाश ने बताया कि निरंतर प्रयास और खुद पर विश्वास ही सफलता की कुंजी है।

पवन कुमार प्रजापत ने 63वीं रैंक हासिल की

बाटाडू तहसील के भीमडा गांव निवासी पवन कुमार प्रजापत (वर्तमान राजस्व अधिकारी, नगर परिषद जैसलमेर) ने राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवा संयुक्त प्रतियोगी (आरएएस) परीक्षा में 63वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

प्रजापत ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव से ही प्राप्त की तथा उच्च शिक्षा के बाद लगातार मेहनत और लगन के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। उनकी इस सफलता के पीछे उनके परिवार का सहयोग और स्वयं का समर्पण मुख्य कारण रहा है।

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Published on:
19 Apr 2026 12:30 pm
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