Pachpadra Refinery Fire Incident:पचपदरा रिफाइनरी में अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। वहीं मंत्री जोगाराम पटेल ने इस मुद्दे पर राजनीति से बचने की सलाह देते हुए जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही।
बालोतरा। पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रेल को हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन और सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित दौरा रद्द होने के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने करीब ढाई घंटे तक अधिकारियों से हादसे को लेकर चर्चा की। उनके साथ कानून मंत्री जोगाराम पटेल और मुख्य सचिव वी श्रीनिवास भी मौजूद रहे। घटना के बाद रिफाइनरी परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। वहीं दूसरी तरफ मामले की जांच के लिए सरकार एसआईटी का गठन कर सकती है।
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मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा रिफाइनरी के एक छोटे से भाग का नुकसान हुआ है। हमें उम्मीद है कि एचपीसीएल कंपनी के अफसर जल्द ही उसको सही करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद तय समय के अनुसार रिफाइनरी का कॉमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। वहीं रिफाइनरी के गेट नंबर 1 और 2 पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
दूसरी ओर इस घटना को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस नेताओं को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया राज्य सरकार के हाथ में नहीं होती, यह केंद्र के पेट्रोलियम मंत्रालय के स्तर पर तय होती है। ऐसे समय में अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां प्रधानमंत्री का कार्यक्रम प्रस्तावित था, वहां एक दिन पहले आग लगना स्वाभाविक रूप से चिंता का विषय है। उन्होंने आग लगने के कारणों की पारदर्शी जांच की जरूरत बताई। कांग्रेस नेता टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा ने भी सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े करते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
उद्घाटन कार्यक्रम टलने के बाद अब नई तारीख को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। मंत्री जोगाराम पटेल ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही नई तिथि घोषित की जाएगी और प्रधानमंत्री की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित होगा। उधर एचपीसीएल ने बयान जारी कर कहा कि सभी इकाइयां संरचनात्मक रूप से सुरक्षित हैं और अन्य हिस्सों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।