
Aloe yogurt honey lemon face mask: बार-बार पार्लर जाकर फेशियल कराना हर किसी के लिए संभव नहीं होता, और बाजार में मिलने वाले ब्यूटी प्रोडक्ट्स में मौजूद केमिकल्स कई बार आपकी स्किन को फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में नेचुरल चीजों से तैयार फेस पैक न केवल त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं, बल्कि इसे लंबे समय तक जवां और बेदाग बनाए रखने में भी मददगार होते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसा असरदार घरेलू फेस पैक, जिसे दही, शहद, एलोवेरा और नींबू जैसी आसान सामग्रियों से तैयार किया जा सकता है। यह फेस पैक त्वचा को गहराई से साफ करता है, डेड स्किन हटाता है, दाग-धब्बे कम करता है और स्किन को नेचुरल ग्लो देता है।
दही, शहद, एलोवेरा और नींबू से बना फेस पैक त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है क्योंकि दही में लैक्टिक एसिड होता है, जो डेड स्किन हटाकर त्वचा को सॉफ्ट बनाता है और दाग-धब्बों को हल्का करता है। वहीं शहद त्वचा को मॉइस्चराइज करता है और पिंपल्स से बचाता है। एलोवेरा जलन, रैशेज और डल स्किन को ठीक कर त्वचा को फ्रेश बनाता है, जबकि नींबू में मौजूद विटामिन C त्वचा को ग्लोइंग और साफ बनाता है। यह पैक स्किन को हाइड्रेट करता है, पोषण देता है और एजिंग के लक्षणों को कम करता है।
इस फेस पैक को बनाने के लिए एक साफ बाउल में 2 चम्मच ताजा दही लें। इसमें 1 चम्मच शुद्ध शहद और 1 चम्मच एलोवेरा जेल मिलाएं। अब इसमें आधे नींबू का रस निचोड़ें और सभी सामग्रियों को अच्छी तरह मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें।
चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से धोकर धूल और ऑयल हटा लें। फिर फेस पैक को उंगलियों या ब्रश से चेहरे और गर्दन पर लगाएं, आंखों और होंठों के पास न लगाएं। 15–20 मिनट बाद जब पैक सूख जाए, तो सादे पानी से हल्के हाथों से धो लें और साफ तौलिये से थपथपाकर सुखा लें। इस पैक को हफ्ते में 2–3 बार लगाने से त्वचा में धीरे-धीरे फर्क नजर आने लगेगा।
सेंसिटिव स्किन वाले लोग नींबू की मात्रा कम रखें या पहले पैच टेस्ट करें। फेस पैक लगाने के बाद तुरंत धूप में न जाएं। बेहतर परिणाम के लिए पैक लगाने से पहले चेहरा अच्छे से साफ करें और बाद में कोई हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।