बेमेतरा

Bemetara: कोटवारी भूमि पर ढाबे को लेकर विवाद, सरपंच-उपसरपंच समेत 3 पर FIR, ग्रामीणों ने लगाया अवैध कब्जे का आरोप

Chhattisgarh News: बेमेतरा के ग्राम नारायणपुर में कोटवारी सेवा भूमि पर संचालित ढाबे को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने ढाबा संचालक पर शासकीय भूमि के अनधिकृत उपयोग समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
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Aug 15, 2026
Narayanpur Dhaba News
कोटवारी सेवा भूमि (फोटो सोर्स- पत्रिका)

BemetaraNews: बेमेतरा जिले के ग्राम नारायणपुर में नेशनल हाईवे-130 के किनारे कोटवारी सेवा भूमि पर संचालित एक ढाबे को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने ढाबा संचालक पर शासकीय भूमि के अनधिकृत उपयोग का आरोप लगाते हुए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की है। वहीं, ढाबा संचालक की शिकायत पर पुलिस ने सरपंच बिसाहू राम साहू, उपसरपंच टीकाराम साहू समेत तीन लोगों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कोटवारी सेवा भूमि पर बिना आवश्यक प्रशासनिक अनुमति के ढाबे का संचालन किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने ढाबे में लंबे समय से अवैध शराब और गांजा बिक्री जैसी गतिविधियां संचालित होने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि ढाबे पर रुकने वाली बाहरी बसों के यात्रियों के खुले में शौच करने से आसपास के खेतों में काम करने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कुछ ग्रामीणों ने धमकी मिलने की शिकायत भी की है।

भोजन के बिल को लेकर विवाद, तोड़फोड़ और सामान ले जाने का आरोप

दूसरी ओर, ढाबा संचालक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 29 जुलाई की रात भोजन के बिल को लेकर हुए विवाद के संबंध में मामला दर्ज किया है। एफआईआर के अनुसार, विवाद के दौरान गाली-गलौज और तोड़फोड़ की गई तथा काउंटर से नकदी, डीवीआर और वाई-फाई से संबंधित सामान ले जाने का आरोप है। संचालक ने इस घटना में करीब 5.50 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया है।

ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि ढाबे में कथित अवैध गतिविधियों और भूमि उपयोग को लेकर पूर्व में की गई शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कोटवारी सेवा भूमि के अभिलेखों और ढाबा निर्माण की वैधता की निष्पक्ष जांच कराने, यदि अतिक्रमण पाया जाए तो उसे हटाने तथा दर्ज एफआईआर की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

मामले को लेकर गांव में तनाव और असंतोष की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। अब प्रशासनिक और पुलिस जांच के बाद कोटवारी भूमि के उपयोग की वैधता तथा दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Updated on:
15 Aug 2026 12:48 pm
Published on:
15 Aug 2026 12:48 pm