भरतपुर

नदबई ज्वेलर हत्याकांड: तहसील, बाजार और स्कूल बंद…अभी तक कातिलों का पता नहीं, हाथ में तख्तियां लिए न्याय मांग रहे पत्नी-बच्चे

नदबई में ज्वेलर योगेंद्र चोपड़ा हत्याकांड के विरोध में शुक्रवार को बंद का व्यापक असर दिखा। बाजार, निजी स्कूल और कृषि मंडी पूरी तरह बंद रहे। हजारों लोगों ने आक्रोश रैली निकालकर तहसील गेट पर धरना दिया।

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Apr 24, 2026
भरतपुर ज्वेलर मर्डर केस में पत्नी-बच्चों का धरना, 1 महीने बाद भी कातिल फरार (पत्रिका फोटो)

नदबई (भरतपुर): राजस्थान के भरतपुर जिले का नदबई कस्बा आज आक्रोश की ज्वाला में जल उठा। 25 मार्च को हुए सर्राफा व्यवसायी योगेंद्र चोपड़ा की निर्मम हत्या और लूट के मामले में एक महीना बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली होने से स्थानीय निवासियों का धैर्य जवाब दे गया।

बता दें कि न्याय की मांग को लेकर आज नदबई पूरी तरह बंद रहा और हजारों की संख्या में लोगों ने तहसील कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

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बाजार से लेकर मंडियां तक बंद, जनजीवन ठप

सुबह से ही नदबई के मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। व्यापार महासंघ के आह्वान पर व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं। केवल बाजार ही नहीं, बल्कि कृषि उपज मंडी और क्षेत्र के निजी शिक्षण संस्थान भी विरोध स्वरूप बंद रहे। कस्बे की सड़कों पर चहल-पहल की जगह केवल पुलिस की गाड़ियां और प्रदर्शनकारियों के जत्थे नजर आए।

आक्रोश रैली और तहसील पर गर्जना

दोपहर को कस्बे के प्रमुख मार्गों से एक विशाल 'आक्रोश रैली' निकाली गई। रैली में हजारों की तादाद में सर्वसमाज के लोग शामिल हुए, जो पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। रैली तहसील परिसर के मुख्य द्वार पर पहुंचकर एक विशाल धरने में तब्दील हो गई।

धरने के बीच सबसे भावुक दृश्य तब देखने को मिला, जब मृतक ज्वेलर योगेंद्र चोपड़ा की पत्नी शालू चोपड़ा अपने परिजनों के साथ न्याय की गुहार लगाते हुए जमीन पर बैठ गईं। उनके साथ मौजूद महिलाओं और नागरिकों की आंखों में आक्रोश और दुख साफ झलक रहा था।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें

  • प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी सचिन यादव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
  • पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए।
  • परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में नियुक्ति मिले।
  • मृतक के बेटे के उज्ज्वल भविष्य के लिए उसे NEET में प्रवेश दिलाने और उसकी पढ़ाई में सरकारी सहयोग की मांग।
  • हत्याकांड के असली दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाया जाए।

प्रशासन की विफलता पर उठे सवाल

धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि घटना को एक महीना (30 दिन) बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक हत्यारों का सुराग लगाने में नाकाम रही है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने व्यापारियों में असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया है।

लोगों का कहना है कि जब तक ठोस कार्रवाई और मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल, तहसील परिसर के बाहर भारी पुलिस जाब्ता तैनात है और प्रशासन आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन जनता का स्पष्ट संदेश है-न्याय नहीं, तो चैन नहीं।

प्रदर्शन के बाद तहसीलदार कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया। धरने में लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मृतक योगेंद्र चौपड़ा की पत्नी के भी इसमें शामिल होने की संभावना जताई गई है।

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Published on:
24 Apr 2026 01:51 pm
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