
Bhilai BSP Township: छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) की टाउनशिप में मौजूद हजारों आवासों से जुड़ी RTI जानकारी सामने आने के बाद आवास प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नगर सेवाएं विभाग ने RTI के जवाब में बताया कि BSP टाउनशिप में कुल 33,327 आवास हैं। हालांकि, इनमें कितने आवासों में अधिकारी और कर्मचारी रह रहे हैं और कितने रहने योग्य आवास खाली हैं, इसकी जानकारी विभाग के पास उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई है।
यह RTI आवेदन सेक्टर-10 की पूर्व पार्षद उपासना साहू ने नगर सेवाएं विभाग में लगाया था। आवेदन में उन्होंने टाउनशिप के आवासों की संख्या, उनमें निवासरत अधिकारी-कर्मचारियों की संख्या और खाली पड़े रहने योग्य आवासों की जानकारी मांगी थी।
पूर्व पार्षद उपासना साहू ने RTI के माध्यम से तीन प्रमुख जानकारी मांगी थी। पहला सवाल था कि BSP टाउनशिप में कुल कितने आवास हैं। दूसरा, इनमें कितने आवासों में अधिकारी और कर्मचारी निवासरत हैं। तीसरा सवाल था कि अधिकारी और कर्मचारी वर्ग के कितने रहने योग्य आवास वर्तमान में खाली पड़े हैं।
नगर सेवाएं विभाग के जवाब के अनुसार, टाउनशिप में कुल 33,327 आवास हैं। वहीं अधिकारी-कर्मचारियों के निवासरत होने और रहने योग्य खाली आवासों से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई है।
RTI जवाब सामने आने के बाद टाउनशिप में आवासों के आवंटन और उपयोग की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में आवास होने के बावजूद कितने मकान आवंटित हैं, कितने खाली हैं और कितने आवासों में कर्मचारी-अधिकारी रह रहे हैं, इसका रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। आवास प्रबंधन से जुड़े मामलों में आवंटन, रिक्त आवास और उनके रखरखाव का रिकॉर्ड महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में RTI के जवाब ने रिकॉर्ड प्रबंधन और सूचना उपलब्धता को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।
BSP प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न जानकारियों को लेकर RTI के माध्यम से आवेदन किए जाते रहे हैं। कुछ मामलों में आवेदकों की ओर से पूरी जानकारी नहीं मिलने या अधूरी जानकारी मिलने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि, इस मामले में नगर सेवाएं विभाग के जवाब में टाउनशिप में मौजूद कुल आवासों की संख्या स्पष्ट रूप से बताई गई है, जबकि निवासरत और खाली आवासों से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई है।
भिलाई BSP टाउनशिप में बड़ी संख्या में कर्मचारी और अधिकारी निवास करते हैं। ऐसे में आवासों के आवंटन, खाली मकानों और उनके रखरखाव से संबंधित रिकॉर्ड का व्यवस्थित होना जरूरी है। RTI के जवाब के बाद अब यह सवाल सामने आया है कि टाउनशिप में आवासों की वर्तमान स्थिति से जुड़ा विस्तृत रिकॉर्ड किस विभाग के पास है और इस जानकारी को किस स्तर पर अपडेट किया जाता है। फिलहाल RTI में मिले जवाब के आधार पर आवास प्रबंधन और रिकॉर्ड व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।