Bhilwara Road Corruption: भीलवाड़ा जिले में पंचायत समिति हुरडा की ग्राम पंचायत दांतड़ा में मनरेगा योजना के तहत भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहां जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मिलीभगत कर कागजों में ही 13.54 लाख रुपए की सीसी ब्लॉक सड़क बना दी, जबकि धरातल पर सिर्फ धूल मिली।

Bhilwara MGNREGA Scam: भीलवाड़ा: मनरेगा में सरकारी खजाने को चूना लगाने का एक मामला सामने आया है। पंचायत समिति हुरडा की ग्राम पंचायत दांतड़ा में जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मिलीभगत कर कागजों में ही सीसी ब्लॉक की सड़क बना दी और 13.54 लाख रुपए का गबन कर लिया। शिकायत के बाद सत्यापन किया गया तो मौके पर सड़क का नामोनिशान तक नहीं मिला।
मामले की जांच कर रहे सहायक अभियंता ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कर दिया है कि बिना कार्य कराए ही भुगतान उठाया गया है। जांच रिपोर्ट में सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी, सहायक अभियंता और जेटीए को इस अनियमितता का दोषी माना है और 13.54 लाख रुपए की वसूली योग्य माना है।
जांच अधिकारी ने दांतड़ा सरपंच से पूछताछ की, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए मौखिक रूप से कह दिया कि कार्य किसी अन्य स्थान पर कराया गया है। जबकि नियमानुसार कार्य उसी स्थान पर होना चाहिए था जहां की स्वीकृति थी और जहां का जियोटैग किया गया था।
6 अप्रैल को दांतड़ा के एक व्यक्ति ने हुरडा के विकास अधिकारी को शिकायत की थी कि पथवारी से वैष्णव समाधी तक ब्लॉक कार्य के नाम पर बिना काम कराए भुगतान उठा लिया। विकास अधिकारी ने सहायक अभियंता अब्बास अली खान को जांच सौंपते हुए रिपोर्ट तलब की थी।
जांच अधिकारी ने 7 अप्रैल 2026 को मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया और एमआईएस पोर्टल से ऑनलाइन रिकॉर्ड खंगाला। इसमें फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। कार्य के लिए 30 दिसंबर 2021 को मनरेगा योजना के तहत 14 लाख 54 हजार 681 रुपए की स्वीकृति जारी हुई थी।
रिकॉर्ड के अनुसार, 8 जनवरी 2022 से 3 मई 2023 तक कार्य कराकर 13 लाख 54 हजार 234 रुपए व्यय दर्शाए गए। एमआईएस रिपोर्ट के अनुसार, काम की जियोटैग लोकेशन लक्ष्मीपुरा पथवारी के पास की दर्शाई गई थी। जांच अधिकारी ने प्रारंभिक बिंदु पथवारी, अंतिम बिंदु वैष्णव समाधी और मध्य स्थान के जीपीएस कैमरे से फोटो लिए। मौके पर किसी भी प्रकार का ब्लॉक सड़क कार्य नहीं पाया गया।
सहायक अभियंता खान ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस पूरे गबन और वित्तीय अनियमितता के लिए चार लोगों को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना है। इनमें ग्राम विकास अधिकारी ज्योति पारीक, दांतड़ा सरपंच धापू देवी, एईएन ओमप्रकाश लाठी तथा जेटीए लालजी मीणा शामिल है। खान ने रिपोर्ट में बताया कि कार्य स्थल पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ है। खर्च की गई राशि 13.54 लाख रुपए इन दोषियों से वसूली योग्य है।