भीलवाड़ा

Rajasthan: राजस्थान के 9597 शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग का बड़ा आदेश, 16 मई तक अनिवार्य रूप से करना होगा यह काम

Rajasthan Education: राजस्थान के सरकारी स्कूलों में रिक्त पदों को भरने के लिए शिक्षा विभाग ने 9597 व्याख्याताओं के पदस्थापन आदेश जारी किए हैं। नए शिक्षण सत्र से पहले हुई इस कार्रवाई से स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद है।

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फाइल फोटो- पत्रिका

भीलवाड़ा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से रिक्त चल रहे पदों को भरने की दिशा में शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने से ठीक पहले विभाग ने विभिन्न विषयों के 9597 व्याख्याताओं के पदस्थापन आदेश जारी कर दिए हैं। ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह सूची जारी की गई है। इससे नए शिक्षण सत्र की शुरुआत से पहले स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पदस्थापन आदेश जारी होने के बाद अब चयनित व्याख्याताओं को अपने-अपने विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करना होगा। विभाग का उद्देश्य है कि नए सत्र के पहले दिन से ही स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ाई शुरू हो सके। लंबे समय से कई स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी बनी हुई थी, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।

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जनगणना ड्यूटी में फंसे शिक्षकों के लिए पेंच

हालांकि, कई पदोन्नत व्याख्याताओं के लिए तुरंत कार्यभार ग्रहण करना आसान नहीं होगा। बड़ी संख्या में शिक्षक इस समय जनगणना कार्य में लगे हुए हैं। ऐसे शिक्षकों को नए स्थान पर जॉइन करने से पहले संबंधित अधिकृत अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। इसके बाद ही उन्हें कार्यमुक्त किया जा सकेगा।

अधिकारियों का कहना है कि छुट्टियों से पहले आदेश जारी करने का मुख्य उद्देश्य यही है कि नए सत्र में शिक्षण कार्य सुचारू रूप से शुरू हो सके। हालांकि, जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों के मामलों में स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग के बीच समन्वय जरूरी रहेगा।

इनकी करनी होगी पालना

  • कुल पदस्थापन: 22 विभिन्न विषयों के 9597 व्याख्याताओं को पोस्टिंग दी गई है।
  • अंतिम तिथि: सभी चयनित व्याख्याताओं को 16 मई तक अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • काउंसलिंग प्रक्रिया: हाल ही में जोधपुर में आयोजित तीन सत्रों की डीपीसी बैठक के बाद 12 हजार से अधिक पदोन्नतियां की गई थीं। इसके बाद ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी की गई।
  • ट्रेनिंग का लाभ: पदोन्नत व्याख्याता पहले ही आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, जिससे उन्हें नए पद पर कार्य करने में आसानी होगी।

शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इन नियुक्तियों से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा।

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