
भोपाल/ मध्य प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के मद्देनजर आईपीएस अफसरों के पदों में 15 फीसदी बढ़ोतरी करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय की ओर से गृह विभाग को एक प्रस्ताव भी भेजा गया है। जानकारी के मुताबिक, कैडर रिव्यू के बाद प्रदेश में आईपीएस अफसरों की संख्या में 15 फीसदी बढ़ोतरी कर दी जाएगी। पीएचक्यू द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को स्वीक्रति मिलने के बाद आईपीएस अफसरों की कुल संख्या 348 हो जाएगी।
15 फीसदी पदों में बढ़ोतरी की तैयारी
बता दें कि, मध्य प्रदेश में 5 साल बाद आईपीएस अफसरों का कैडर रिव्यू किया जा रहा है। साथ ही, 15 फीसदी पदों में बढ़ोतरी करने की भी तैयारी की जा रही है। बढ़ाए जा रहे पदों में एडीजी के 16 नए पदों को शामिल किया गया है। इस संबंध में स्वीकृति लेने के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा गृह विभाग को प्रस्ताव भेज दिया गया है। प्रस्ताव को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से स्वीकृति मिलने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष पेश किया जाएगा। उम्मीद है कि, प्रदेशस्तर पर स्वीकृति मिलने के बाद इस प्रस्ताव को दिसंबर तक केन्द्रीय गृह मंत्रालय भी भेज दिया जाएगा।
इन अफसरों को मिलेगा प्रमोशन
इसके अलावा, 25 साल की सेवा पूरी करने के बाद एडीजी पद पर प्रमोशन जैसे नियमों को प्रस्ताव के जरिये भेजा गया है। इसके तहत कई आईपीएस अफसर एडीजी रैंक हासिल करने की स्थिति में पहुंच गए हैं। ऐसे में शासन द्वारा एडीजी पद संख्या बढ़ाकर इन अफसरों को प्रमोशन दिया जाएगा। इसके अलावा मध्य प्रदेश में एडीजी रैंक के कई अफसर हैं। वहीं, नई नियुक्तियां नहीं होने की वजह से आईपीएस के पद पर एडीजी के बने रहे की वजह से प्रदेश में कई बार विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। इसी के तहत मध्य प्रदेश शासन ने कैडर रिव्यू में एडीजी के 16 नए पद शामिल किये हैं।
मौजूदा समय में 305 IPS अफसर
आपको बता दें कि, मौजूदा समय में मध्य प्रदेश में आईपीएस कैडर के लिए 213 पद मौजूद हैं, जिसमें कैडर पोस्ट के लिए 166, स्टेट डेपुटेशन के लिए 41, वहीं सेंट्रल डेपुटेशन के लिए 66 पदों को मंजूरी मिली है। साथ ही, जूनियर पोस्ट रिजर्व कैटेगरी में 27 पद हैं। कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में आईपीएस अफसरों की संख्या 305 है। हालांकि, नए प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद इन पदों की संख्या बढ़कर 348 हो जाएगी।