भोपाल

इस तरह बनवाएं Driving Licence Online, एक क्लिक पर पाएं पूरी जानकारी

भारत की सड़कों पर गाड़ी चलाने के लिए मोटर व्हीकल एक्ट ए-1988 की धारा तीन के मुताबिक, वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बेहद आवश्यक है। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए परिवहन विभाग द्वारा उम्र की तय सीमा होना भी आवश्यक है। हालांकि, लोगों की व्यस्तताओं और आरटीओ की लंबी कतारों में लगने वाले समय से बचने के लिए हम ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।

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इस तरह बनवाएं Driving Licence Online, एक क्लिक पर पाएं पूरी जानकारी

भोपाल/ देशभर में वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य होता है। भले ही आप कोई टू-व्हीलर वाहन चलाएं या फोर-व्हीलर या फिर कोई अन्य बड़ा वाहन परिवहन नियम के अनुसार, आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के कोई भी वाहन चलाना गैर कानूनी है। भारत की सड़कों पर गाड़ी चलाने के लिए मोटर व्हीकल एक्ट ए-1988 की धारा तीन के मुताबिक, वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बेहद आवश्यक है। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए परिवहन विभाग द्वारा उम्र की तय सीमा होना भी आवश्यक है। हालांकि, लोगों की व्यस्तताओं और आरटीओ की लंबी कतारों में लगने वाले समय से बचने के लिए हम ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। आइये जानते हैं कैसे...।


ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए सबसे पहले आपको मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा और वहां दिया दिया गया एप्लिकेशन फॉम भरना होगा। इसके बाद पहचान के दो डाक्यूमेंट्स और जन्‍म संबंधी दस्‍तावेज स्कैन कर अपलोड करने होंगे। आपकी सुविधा के अनुसार कंप्यूटराइज्ड टेस्‍ट के लिए आपकी सुविधा के अनुसार आरटीओ आपको तारीक और समय देगा। इस दिन आवेदनकर्ता को आरटीओ आकर ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी। इसी दौरान कंप्यूटराइज्ड टेस्ट भी लिया जाएगा। टेस्‍ट में पास होने पर आवेदक को लर्निंग लाइसेंस प्रदान कर दिया जाएगा। इसके बाद एक से छह महीने भीतर आप लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस कैंसल कराकर पर्मानेंट लाइसेंस बनवा सकते हैं।


150 रुपए में लर्निंग और 300 में मिलता है स्थाई लाइसेंस

कई लोग जानकारी ना होने के कारण आरटीओ में लंबा समय फंसाने से बचने के लिए लाइसेंस बनवाने का काम दलालों को सौंप देते हैं। ये दलाल आपका लाइसेंस बनवाने में करीब 1500 से 2000 तक ले लेते हैं। लेकिन अगर आप ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकते हैं। ये तरीका बेहद आसान तो है ही, साथ ही इसकी फीस भी कम है। आप मात्र 150 रुपए देकर लर्निंग लाइंसेंस ले सकते हैं। वहीं, परमानेंट के लिए 300 रुपए की फीस देनी होगी। आपके ई-बैकिंग से जुड़ते ही फीस भी ऑनलाइन जमा करवाई जा सकेगी। फिलहाल, विभागीय सॉफ्टवेयर को ई-बैंकिंग से नहीं जोड़ा गया है। इसलिए अभी आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करने के बाद बुलाई जाने वाली तय तारीक को फीस जमा करने के लिए कार्यालय ही आना होगा।


इस तरह भी कर सकते हैं अप्लाई, तरीके हैं कारगर

ऑलाइन मोबाइल फोन पर डीएल बनवाने के लिए आपको अपने राज्य की ट्रांसपोर्ट कार्यालय की वेबसाइट फोन के ब्राउजर में ओपन करनी है। इसके बाद वेबसाइट पर दिया गया ऑनलाइन फॉर्म ओपन करना है। उसके बाद में उसमे चाही गई जानकारियां फिल करके उसें सबमिट कर दें। इसके बाद फॉर्म का प्रिंट आउट निकालें ओर चाहे गए दस्तावेजों और ट्रांसपोर्ट ऑफिस द्वारा निर्धारित फीस के साथ कार्यालय में जमा करवा दें।

तीन तरह के होते हैं ड्राइविंग लाइसेंस

-नॉन ट्रांसपोर्ट लाइसेंस

यह लाइसेंस पर्सनल गाडिय़ां चलाने के लिए मिलता है। इसे हासिल करने के लिए पहले लर्निंग लाइसेंस बनवाना होता है। इस लाइसेंस की वेलिडिटी 20 साल तक होती है। हालांकि अलग-अलग राज्यों में यह अवधि कुछ कम या ज्यादा भी हो सकती है।


-ट्रांसपोर्ट लाइसेंस

इस लाइसेंस की वेलिडिटी 3 साल तक की होती है इसके बाद इसें रिन्यू करवाना होता है। यह लाइसेंस लेने के बाद आप कॉमर्शियल यानी ट्रांसपोर्ट वाहन चला सकते हैं।

-इंटरनेशनल ड्राइविंग पर्मिट

इस लाइसेंस से आप विदेशों में भी वाहन चला सकते हैं। हालांकि इस इस लाइसेंस की वेलिडिटी 1 साल तक की होती है उसके बाद इसें फिर से रिन्यू करवाना होता है।



मोबाइल फोन पर भी बनवा सकते हैं डीएल, ये डाक्यूमेंट्स रखें साथ

ऑनलाइन, मोबाइल फोन अथवा कंप्यूटर के जरिए डीएल बनवाने के लिए एड्रेस और फोटो आईडी प्रूफ की जरूरत होती है। जबकि कई राज्यों में न्यूनत शैक्षणिक योग्यता की मार्कशीट तथा मेडिकल सर्टिफिकेट भी अनिवार्य होते हैं। एड्रेस और फोटो आईडी प्रूफ के लिए आप आधार कार्ड, पेन कार्ड, राशनकार्ड, बिजली-पानी,टेलीफोन बिल साथ ही 16 तरह के दस्तावेज फॉर्म के साथ संलग्र कर सकते हैं।


ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट

एकबार ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने के बाद आपको 1 महिने में लर्निंस लाइसेंस दिया जाएगा। इसके बाद आपका टेस्ट होगा जिसके 1 महीने के बाद आपको ड्राइविंग टेस्ट और इंटरव्यू लिया जाएगा। ड्राइविंग टेस्ट और इंटरव्यू में पास होने के बाद आपका ड्राइविंग लाइसेंस भारतीय डाक द्वारा आपके घर भिजवा दिया जाएगा।


कैसे बनता है ड्राइविंग लाइसेंस

ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अपना आवेदन स्थानीय आरटीओ ऑफिस में किया जा सकता है। व्यक्ति का भारतीय होना जरूरी है। साथ ही वह मानसिक रूप से विक्षिप्त या गंभीर रूप से विकलांग न हो है। ड्राइविंग लाइसेंस तभी जारी होगा जब तक वह वाहन की कैटिगिरी के लिए तय उम्र सीमा के दायरे में आता होगा

अगर आप बाइक, गियर वाले स्कूटर, कार या जीप जैसे चार पहिया वाले वाहन चलाने के लिए डीएल बनवाना चाहते हैं तो आपको यह ध्यान में रखना होगा कि आप की उम्र 18 साल या उससे ज्यादा हो। 21 साल की उम्र के बाद ट्रैक्टर व दूसरे किसी वाहन के लिए लाइसेंस बनाया जाता है।


अपॉइंटमेंट के बाद देना होगा ये टेस्ट

-60 रुपए में लाइसेंस हासिल करने के लिए आपको ट्रांसपोर्ट विभाग के जोनल ऑफिस में एक परीक्षा से गुजरना होता है। इस परीक्षा के दौरान आपके 10 आब्जेक्टिव सवाल पूछे जाएंगे।

-लर्निंग लाइसेंस पर कुछ दिन गाड़ी चलाने के बाद ही आप पर्मानेंट लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको जोनल ऑफिस में फॉर्म नंबर 4 भरना होता है।

-लाइसेंस आवेदन करने के बाद आपको कई नियमों का पालन करना होगा। अगर चाहते हैं कि आपका लाइसेंस आपके घर पहुंच जाए, तो फॉर्म के साथ एक डाक लिफाफा देना होगा। नहीं तो आपको एसडीएम ऑफिस जाकर डीएल लेना होगा।


लाइसेंस बनवाने से पहले ये डॉक्यूमेंट रखें साथ

-बर्थ सर्टिफिकेट


इस तरह बनवाएं प्राइवेट लाइसेंस

-मेडिकल फॉर्म नंबर 1, अगर आपकी उम्र 50 साल से ज्यादा है


इस तरह बनवाएं कमर्शियल लाइसेंस

एड्रेस प्रूफ


इस तरह बनवाएं डुप्लीकेट लाइसेंस

-एड्रेस प्रूफ, ऐज प्रूफ, फॉर्म 33


इस तरह कराएं ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू

-फॉर्म 1 जिसमें आपको खुद को फिजिकल फिट बताना होगा


इस तरह बदलवाएं अपने ड्राइविंग लाइसेंस पर पता

सबसे पहले तो आपको आरटीओ से एनओसी लेना होगा और नजदीकी आरटीओ ऑफिस जाकर पता बदलने के लिए अप्लाई करना होगा। इस दौरान आपको कुछ डॉक्यूमेंट्स अपने साथ रखना होगा।


ये डॉक्यूमेंट रखें साथ

-बदला हुआ एड्रेस प्रूफ

Published on:
20 Oct 2019 01:22 pm
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