
बीकानेर: बीकानेर जिले के बज्जू थाना क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जयपुर एटीएस से मिले सटीक इनपुट के आधार पर बज्जू पुलिस ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में गौड़ू गांव निवासी अनिल कुमार विश्नोई पुत्र महावीर डेलू को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के गैंग को भारतीय मोबाइल सिम एक्टिवेट कराने के लिए ओटीपी उपलब्ध कराया, जिसके बाद वह सिम पाकिस्तान में इस्तेमाल होने लगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीकानेर जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में एक विशेष रणनीति बनाई गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) और कोलायत वृत्ताधिकारी के सुपरविजन में बज्जू थाना प्रभारी चंद्रजीत सिंह भाटी (चंद्रवीर सिंह) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अनिल कुमार को उसके गांव गौड़ू से दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और टेलीकॉम नियमों के तहत राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी गैंग के सदस्यों ने अनिल को अपनी बातों के जाल में फंसाया था। गैंग के सदस्य 'उज्जेर' और उसके गुर्गे 'अजान' ने अनिल से लगातार संपर्क बनाए रखा। 17 जुलाई को अनिल ने एक भारतीय सिम कार्ड को चालू कराने के लिए जरूरी ओटीपी सीमा पार बैठे गैंग के सदस्यों को मुहैया कराया।
इसके तुरंत बाद वह भारतीय सिम पाकिस्तान में एक्टिव हो गई और वहां से ऑपरेट होने लगी। भारतीय एजेंसियों को आशंका है कि इस सिम का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों, जासूसी या अपराध को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था।
जिस नेटवर्क से अनिल के तार जुड़े हैं, उसका सरगना शहजाद भट्टी पाकिस्तान का एक कुख्यात गैंगस्टर है। भट्टी को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के पास कई संवेदनशील जानकारियां हैं। शहजाद भट्टी इस समय दुबई में रहकर अपना नेटवर्क चलाता है और वह पाकिस्तान के बड़े माफिया फारुख खोखर का राइट हैंड माना जाता है।
भट्टी का आपराधिक और आतंकी नेटवर्क पाकिस्तान, दुबई, अमेरिका और कनाडा तक फैला हुआ है। शुरुआती जांच के मुताबिक, इस गैंग के संबंध कई आतंकवादी संगठनों से भी जुड़े पाए गए हैं। शहजाद भट्टी वर्ष 2024 में मशहूर बॉलीवुड अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी नेता मिथुन चक्रवर्ती को धमकी देने के बाद भारतीय एजेंसियों के रडार पर आया था।
बज्जू थाना पुलिस और एटीएस की टीमें अब आरोपी अनिल कुमार से लगातार पूछताछ कर रही हैं। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि क्या अनिल ने इससे पहले भी पाकिस्तान में किसी को भारतीय सिम, ओटीपी या कोई अन्य रणनीतिक और संवेदनशील जानकारी भेजी थी। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि अनिल को इसके बदले में कोई आर्थिक मदद मिली थी या उसे किसी बड़े मंसूबे के तहत इस्तेमाल किया जा रहा था। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की परतें उधेड़ने में जुटी हैं।