
Pm Electric Bus: बिलासपुर शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था जल्द ही पूरी तरह आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल होने वाली है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत बिलासपुर को मिलने वाली 50 एयर कंडीशंड (AC) ई-बसों के संचालन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। खास बात यह है कि इन बसों के रूट तय करने में आम नागरिकों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी ने लोगों से सुझाव मांगे हैं, ताकि ई-बसों का संचालन शहर की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप किया जा सके। प्रशासन का मानना है कि लोगों की राय के आधार पर तैयार किए गए रूट से अधिक से अधिक यात्रियों को सुविधा मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत बिलासपुर शहर को 50 आधुनिक एसी ई-बसें मिल रही हैं। इन बसों के संचालन के लिए जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी ने संभावित रूट तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना का उद्देश्य शहरों में स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है, जिससे प्रदूषण कम हो और नागरिकों को आरामदायक यात्रा का विकल्प मिल सके।
ई-बसों के रूट तय करने से पहले जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी ने नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, श्रमिकों, व्यापारियों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।
ई-बसों के संचालन से शहर में डीजल बसों पर निर्भरता कम होगी, जिससे वायु प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और निजी वाहनों का उपयोग भी घट सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं और भविष्य की शहरी परिवहन व्यवस्था का अहम हिस्सा बनेंगी।
जिला प्रशासन के अनुसार जैसे ही चार्जिंग स्टेशन, डिपो और अन्य व्यवस्थाएं पूरी हो जाएंगी, शहर की सड़कों पर आधुनिक एसी ई-बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। नई बसों में यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक तकनीक और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध रहेगी, जिससे सफर पहले की तुलना में अधिक आरामदायक होगा।
ई-बसों के सफल संचालन के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। कोनी स्थित बस डिपो में आधुनिक चार्जिंग स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं, जहां सभी ई-बसों की चार्जिंग होगी। इसके साथ ही प्रशासनिक भवन का निर्माण भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी होने वाली हैं।