बिलासपुर

CG News: ‘जिंदा हूं मैं…’ बहू ने जमीन हथियाने मुझे कागजों में मार दिया, सच्चाई सामने आने पर दर्ज शिकायत

Bilaspur News: रिश्तों की गरिमा को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। 80 वर्षीय शैल शर्मा को उनकी छोटी बहू ने पैतृक जमीन हड़पने के लिए सरकारी कागजों में मृत घोषित कर दिया।

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मैं आज भी जिंदा हूं (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG News: रिश्तों की गरिमा को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। 80 वर्षीय शैल शर्मा को उनकी छोटी बहू ने पैतृक जमीन हड़पने के लिए सरकारी कागजों में मृत घोषित कर दिया। जब बुजुर्ग महिला जीवित होने के सबूत लेकर बेमेतरा कलेक्टोरेट पहुंचीं, तो हर कोई दंग रह गया। कांपते हाथों में दस्तावेज लिए उनकी आंखों में दर्द और सवाल थे - ‘क्या जमीन के लिए रिश्ते इतने सस्ते हो गए?’

टिकरापारा, बिलासपुर निवासी शैल शर्मा के पति देवनारायण शर्मा का निधन वर्षों पहले हो चुका है। लेकिन हाल ही में उन्हें पता चला कि उनकी बहू रंजना शर्मा ने वर्ष 1993 में ही उनका फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर सतना (मध्यप्रदेश) स्थित पैतृक जमीन अपनी बेटी के नाम करा ली। पीड़िता ने बताया कि यह साजिश वर्षों तक छिपी रही। सच्चाई सामने आने पर वे बड़े बेटे के साथ कोतवाली पहुंचीं, जहां उन्हें बेमेतरा जाकर शिकायत दर्ज कराने कहा गया।

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जांच में पता चला कि फर्जी सर्टिफिकेट मारो चौकी, बेमेतरा से जारी दर्शाया गया था। इसके बाद वे बेमेतरा कलेक्टोरेट पहुंचीं और आधार कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन खाता व पैन कार्ड जैसे दस्तावेज दिखाकर जीवित होने का प्रमाण दिया। भावुक शैल शर्मा ने कहा, ‘अगर जमीन चाहिए थी तो मैं दे देती, लेकिन मुझे जीते जी मारना… यह कैसा अन्याय है?ऽ उनकी पीड़ा देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। मामला अब जांच के अधीन है।

दस्तावेजों के अनुसार फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र वर्ष 1993 का

दस्तावेजों के अनुसार, यह फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र एकीकृत मध्यप्रदेश के समय 2 अप्रैल 1993 को मारो चौकी प्रभारी के हस्ताक्षर से जारी दिखाया गया है। मगर जांच में साफ हुआ कि ऐसा कोई प्रमाण पत्र वहां से जारी ही नहीं हुआ। बुजुर्ग पीड़िता को डर है कि इस फर्जी प्रमाण पत्र का दुरुपयोग आगे भी हो सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और जिंदगी की शाम में उन्हें इंसाफ दिलाया जाए।

पीड़िता अपने बड़े बेटे के साथ रह रही

पीड़िता के दो बेटे व एक बेटी थे। बड़े बेटे राकेश शर्मा ने बताया कि छोटे भाई की 11 सितंबर 2009 को मृत्यु हो गई थी। तब से बहू रंजना ने परिवार से किनारा कर लिया। वह लगातार परिजनों पर कहीं चोरी तो कहीं किसी बात को लेकर ब्लेम लगाती रहीं। मृत्यु प्रमाण पत्र वाले मामले से मां पूरी तरह टूट गई हैं। मां को सब मिल कर समझा रहे हैं।

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Updated on:
05 Sept 2025 11:10 am
Published on:
05 Sept 2025 11:09 am
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