बॉलीवुड

2 घंटा 6 मिनट की वो लव स्टोरी जिसने ठहाकों के बीच उठाया था लिव-इन रिलेशनशिप पर बड़ा सवाल

7 Years Of Luka Chuppi: कार्तिक आर्यन और कृति सैनन की फिल्म ने हल्के-फुल्के अंदाज में लिव-इन रिलेशनशिप जैसे सामाजिक मुद्दे पर शुरू की अहम चर्चा।

2 min read
Mar 01, 2026
कार्तिक आर्यन और कृति सैनन की फिल्म लुका छुपी। (फोटो सोर्स: IMDb)

7 Years Of Luka Chuppi: आज से ठीक 7 साल पहले 1 मार्च 2019 को रिलीज हुई फिल्म 'लुका छुपी' देखने में एक हल्की-फुल्की रोमांटिक कॉमेडी लगती है, लेकिन इसकी कहानी एक ऐसे विषय पर बात करती है जिस पर अक्सर समाज में खुलकर चर्चा नहीं होती। फिल्म में गुड्डू (कार्तिक आर्यन) और रश्मि (कृति सेनन) शादी से पहले लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का फैसला करते हैं। लेकिन जब परिवार और समाज को इसका पता चलने का डर उन्हें सताता है, तो वे खुद को शादीशुदा दिखाने का नाटक करते हैं।

ये भी पढ़ें

Iran Israel War: युद्ध के बीच दुबई में है KRK की फैमिली, फोटो पोस्ट कर लिखा- ‘भगवान उन्हें सलामत रखे’

बड़े मुद्दे को आसान शब्दों में सुनाया

कानूनी रूप से लिव-इन रिलेशनशिप को भले ही मान्यता मिल गई हो लेकिन 7 साल पहले या वर्तमान में हो देश के कई हिस्सों में लिव-इन रिलेशनशिप को सही नहीं माना जाता है। ऐसे में फिल्म ने इस मुद्दे को बिना किसी भारी-भरकम भाषण के, आसान और मजेदार तरीके से दिखाया। हालांकि, कहानी छोटे शहर के पारिवारिक माहौल को ध्यान में रखकर गढ़ी गई थी, जिससे परंपरा और नई सोच के बीच का टकराव और साफ नजर आया।

निर्देशक लक्ष्मण उतेकर ने न सिर्फ हास्य और हल्के व्यंग्य के जरिए समाज की सोच और लोगों की बातें बताईं, बल्कि पीढ़ियों के अंतर को भी दिखाया। यही वजह है कि दर्शक ठहाका लगाकर हंसे भी और साथ ही सोचने पर भी मजबूर हुए।

कार्तिक आर्यन और कृति सेनन की कैमेस्ट्री

लुका छुपी के सीन में कार्तिक आर्यन और कृति सैनन। (फोटो सोर्स: IMDb)

अभिनय की बात करें तो जहां कार्तिक आर्यन ने गुड्डू के किरदार में एक आम लड़के की घबराहट और उलझन को अच्छे से निभाया था, वहीं, कृति सेनन ने रश्मि के रूप में आत्मविश्वास और अपने फैसलों पर अडिग रहने वाली युवा महिला को दर्शाया था। दोनों की केमिस्ट्री ने फिल्म को काफी मजेदार बनाया था।

मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्माण दिनेश विजान ने किया था। 7 साल बाद भी 'लुका छुपी' सिर्फ एक हिट फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसी कहानी है, जिसने मनोरंजन के साथ एक जरूरी सामाजिक मुद्दे पर बातचीत शुरू की। यह फिल्म दिखाती है कि हल्की-फुल्की कॉमेडी भी समाज में बदलाव की दिशा में छोटा लेकिन अहम कदम बन सकती है।

ये भी पढ़ें

एक्ट्रेस से साध्वी बनीं ममता कुलकर्णी का यू-टर्न, 25 साल बाद किया टीवी पर ग्रैंड कमबैक, देखें वीडियो

Also Read
View All

अगली खबर