
Abhishek Bachchan On IPL: बॉलीवुडसुपरस्टार शाहरुख खान, प्रीति जिंटा और जूही चावला जैसे दिग्गज जहां आईपीएल (IPL) की शुरुआत से ही क्रिकेट की दुनिया में अपनी टीमें उतार चुके हैं, वहीं 'जूनियर बच्चन' यानी अभिषेक बच्चन ने हमेशा इस चकाचौंध से दूरी बनाए रखी। हालांकि अभिषेक खुद एक बड़े स्पोर्ट्स लवर हैं और कबड्डी व फुटबॉल में सफल टीमों के मालिक भी हैं, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर टीम मालिक के तौर पर वह कभी नजर नहीं आए। अब पहली बार अभिषेक ने खुद इस राज से पर्दा उठाया है और बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि आखिर क्यों उन्होंने IPL टीम नहीं खरीदी...
फोर्ब्स के साथ एक हालिया बातचीत में अभिषेक बच्चन ने बड़ी बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने माना कि आईपीएल टीम न खरीदने के पीछे एक बड़ा कारण पैसा था। उन्होंने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो, जब आईपीएल की शुरुआत हुई थी, तब यह बहुत महंगा सौदा था। मुझे नहीं लगता कि कोई ऐसा होगा जिसे आईपीएल पसंद न हो, यह मनोरंजन का चरम है। मैं भी इसका हिस्सा बनना चाहता था, लेकिन तब बजट बाहर था।"
अभिषेक ने सिर्फ पैसों की ही बात नहीं की, बल्कि खेल के प्रति अपने जुनून और नजरिए को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि वह महज एक 'शोपीस' मालिक बनकर स्टैंड में नहीं बैठना चाहते थे। अभिषेक के मुताबिक, "मैं स्टैंड में बैठकर सिर्फ हाथ हिलाने वाला इंसान नहीं हूं कि लोग कहें- 'देखो एक स्टार आया है'। बीसीसीआई (BCCI) क्रिकेट के बुनियादी ढांचे को संभालने में बहुत बेहतरीन काम कर रही है, ऐसे में मुझे समझ नहीं आया कि मेरा व्यक्तिगत योगदान वहां क्या होगा।"
अभिषेक बच्चन अपनी कबड्डी टीम 'जयपुर पिंक पैंथर्स' और फुटबॉल टीम 'चेन्नईयिन एफसी' के साथ जिस तरह जुड़ते हैं, वह वाकई काबिले तारीफ है। उन्होंने बताया, "अगर आप मुझे मेरे मैचों में देखेंगे, तो मैं खिलाड़ियों के बहुत करीब रहता हूं। मैं उनके साथ बैठता हूं, ट्रेनिंग में शामिल होता हूं और यहां तक कि उनके रोजाना के डाइट चार्ट को भी खुद मंजूरी देता हूं। मुझे चीजों को बारीकी से मैनेज करना पसंद है।"
अभिषेक ने यह भी माना कि 2008 में जब आईपीएल शुरू हुआ था, तब उन्हें क्रिकेट की उतनी गहरी तकनीकी समझ नहीं थी जितनी आज है। उस दौरान वे 'धूम' और 'गुरु' जैसी फिल्मों से अपना करियर संवार रहे थे। हालांकि, उन्होंने क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक उम्मीद की किरण भी छोड़ी है। उन्होंने कहा, "कभी हार मत मानो, क्या पता भविष्य में कुछ बड़ा हो जाए और मैं भी क्रिकेट की दुनिया में कदम रखूं।"
बता दें कि अभिषेक की जयपुर पिंक पैंथर्स और चेन्नईयिन एफसी ने अपने-अपने लीग में शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे यह साबित होता है कि अभिषेक केवल नाम के लिए नहीं, बल्कि खेल को जीतने के लिए टीम चलाते हैं।