
Ajay Devgn Bholaa Remake Rights Case: बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की फिल्म 'भोला' एक बार फिर चर्चा में आ गई है, लेकिन इस बार वजह बॉक्स ऑफिस नहीं बल्कि कानूनी विवाद है। तमिल सुपरहिट फिल्म 'कैथी' के निर्माताओं ने ‘भोला’ के मेकर्स पर रीमेक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। इस मामले ने फिल्म इंडस्ट्री में कॉपीराइट और रीमेक अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
साल 2023 में रिलीज हुई ‘भोला’ को दर्शकों ने एक्शन एंटरटेनर के रूप में पसंद किया था। ये फिल्म दक्षिण भारतीय स्टार 'कैथी' की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कैथी’ का हिंदी रूपांतरण थी। अब लगभग तीन साल बाद ‘कैथी’ के प्रोडक्शन हाउस ड्रीम वॉरियर पिक्चर्स ने अदालत में याचिका दाखिल कर दावा किया है कि फिल्म के रीमेक अधिकारों से जुड़े समझौते का सही तरीके से पालन नहीं किया गया।
निर्माताओं का कहना है कि ‘कैथी’ के कॉपीराइट और रीमेक अधिकार पूरी तरह उनके पास सुरक्षित हैं और बिना उचित प्रक्रिया के उनका उपयोग किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान ‘भोला’ से जुड़े पक्ष ने अदालत के अधिकार क्षेत्र को लेकर प्रारंभिक आपत्ति भी दर्ज कराई है। उनका कहना है कि यह मामला किस अदालत में सुना जाना चाहिए, इस पर पहले स्पष्टता जरूरी है। फिलहाल इस मुद्दे पर अदालत ने निर्णय सुरक्षित रख लिया है।
न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख की एकल पीठ इस मामले से जुड़े शुरुआती कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है। अब सभी की नजरें अदालत के आगामी फैसले पर टिकी हुई हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘कैथी’ के हिंदी रीमेक से संबंधित समझौते की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी हुई थी। बताया जा रहा है कि वर्ष 2020 में एक बड़ी मीडिया कंपनी के साथ प्रारंभिक सहयोग शुरू हुआ था। इसके बाद मार्च 2023 में एक औपचारिक रीमेक राइट्स एग्रीमेंट साइन किया गया।
इस समझौते में हिंदी संस्करण के निर्माण से जुड़े अधिकारों का हस्तांतरण शामिल था। हालांकि अब इसी प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है और ‘कैथी’ के निर्माता दावा कर रहे हैं कि उनके अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।
फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर दक्षिण भारतीय फिल्मों के हिंदी रीमेक बनाए जाते हैं। ऐसे में यह मामला भविष्य के कई प्रोजेक्ट्स के लिए मिसाल बन सकता है। यदि अदालत इस मामले में कोई सख्त फैसला सुनाती है, तो आने वाले समय में रीमेक अधिकारों को लेकर प्रोडक्शन हाउस और अधिक सतर्क नजर आ सकते हैं।
फिलहाल दर्शकों और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की नजरें इस केस के अगले चरण पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका असर सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि पूरी रीमेक संस्कृति पर पड़ सकता है।