
Anupam Kher pays Mahesh Bhatt Rs 25,000 Per Month: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर फिल्म इंडस्ट्री में अपने अनुशासन और संजीदगी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने 40 साल के लंबे करियर में लगभग 550 फिल्मों में काम किया है, लेकिन सफलता के इस शिखर पर पहुंचने के बाद भी वह अपनी जड़ों और अपने 'गुरु' महेश भट्ट को नहीं भूले हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अनुपम खेर ने एक ऐसा खुलासा किया जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। उन्होंने बताया कि वह आज भी अपनी हर फिल्म पूरी होने के बाद महेश भट्ट को एक लिफाफा भेजते हैं। जिसे देखने से ही महेश भट्ट को समझ आ जाता है कि ये क्यों दिया है...
अनुपम खेर ने पिंकविला से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि साल 1984 में आई फिल्म ‘सारांश’ से उन्हें पहला ब्रेक महेश भट्ट ने ही दिया था। उस समय सम्मान के तौर पर अनुपम ने उन्हें 250 रुपये दिए थे। अभिनेता ने हंसते हुए कहा, "यह सिलसिला तब से जारी है। जैसे-जैसे महंगाई बढ़ी, लिफाफे की रकम भी बढ़ती गई। 250 से 500, फिर 1000 और अब यह 25 हजार रुपये तक पहुंच गई है। पिछले हफ्ते ही मैंने उन्हें एक लिफाफा दिया था। अब तो भट्ट साहब लिफाफा पकड़ते ही समझ जाते हैं कि उसमें कितने पैसे हैं। यह मेरे लिए महज पैसे नहीं, बल्कि एक रस्म और सम्मान है।"
अनुपम खेर ने उस दौर को भी याद किया जब उनकी और महेश भट्ट की तकरार हुई थी। दरअसल, 'सारांश' की शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले महेश भट्ट ने अनुपम की जगह मशहूर अभिनेता संजीव कुमार को लेने का मन बना लिया था। जब अनुपम को यह पता चला, तो वह टूट गए और मुंबई छोड़कर जाने का फैसला कर लिया। लेकिन जाने से पहले वह सीधे महेश भट्ट के घर पहुंचे और गुस्से में उन्हें 'धोखेबाज' तक कह डाला। अनुपम का वह जुनून और आंखों में आंसू देखकर महेश भट्ट का दिल पिघल गया और उन्होंने अपना फैसला बदलकर अनुपम को ही फिल्म में रखा। आज वही फिल्म अनुपम खेर के करियर का मील का पत्थर मानी जाती है।
अपनी आने वाली फिल्म 'तन्वी द ग्रेट' को लेकर उत्साहित अनुपम ने इच्छा जताई कि वह अब परदे पर एक्शन करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि वह अपनी फिटनेस पर काफी काम कर रहे हैं। उन्होंने महेश भट्ट से कहा है कि वह 'सारांश 2' बनाना चाहते हैं, लेकिन इस बार वह एक 'एक्शन अवतार' में लोगों की जान बचाना चाहते हैं, जैसा हॉलीवुड फिल्म 'टेकन' में दिखाया गया था। अनुपम खेर की यह कहानी दिखाती है कि एक कलाकार के लिए उसकी प्रतिभा के साथ-साथ कृतज्ञता (Gratitude) का भाव होना कितना जरूरी है।