Asha Bhosle Security Guard Big Revealed: आशा भोसले ने रविवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसी बीच उनके सिक्योरिटी गार्ड ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उनका व्यवहार कैसा था। वह किस तरह लोगों से बात करती थीं।
Asha Bhosle Death: रविवार 12 अप्रैल का दिन बॉलीवुड के लिए श्राप बनकर आया और इंडस्ट्री से इन दिन अपनी महान सिंगर आशा भोसले को खो दिया। आशा भोसले का 92 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में निधन हो गया। जैसे ही ये खबर अस्पताल से निकलकर बाहर आई, हर कोई सन्न रह गया। किसी को यकीन नहीं हुआ कि आखिर ये कैसे हो सकता है कुछ समय पहले जिस शख्सियत को हमने एक इंवेट में सही सलामत देखा था वह अब इस दुनिया में नहीं रहीं।
खबरों के मुताबिक, आशा भोसले की तबीयत शनिवार को बिगड़ी थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल यूनिट में भर्ती कराया गया था। उनकी पोती जनाई भोसले ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा कर जानकारी दी थी कि दादी को अत्यधिक थकान और सीने में इन्फेक्शन की वजह से भर्ती करना पड़ा है। उस वक्त परिवार और प्रशंसकों को उम्मीद थी कि वह जल्द ठीक होकर घर लौटेंगी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
आशा जी के जाने का गम जितना परिवार को है उतना ही उनके घर में काम करने वाले लोगों को भी है। अपनी गायकी के साथ-साथ आशा भोसले अपने व्यवहार के लिए भी जानी जाती थीं। उनके घर 'कासा ग्रैंड' पर तैनात एक सुरक्षाकर्मी ने नम आंखों से 'मिड-डे' को आशा जी के अंतिम समय के बारे में बताया। वह बोले- आशा ताई वैसी ही थी जैसी सालों पहले थीं। अभी कुछ ही दिन पहले की बात है, वह देर रात घर लौटी थीं, लेकिन उनतकी बढ़ती उम्र और कमजोरी की वजह से वह थोड़ी बीमार लग रही थीं, पर जैसे ही मैंने गाड़ी का दरवाजा खोला, उन्होंने अपनी प्यार भरी मुस्कान के साथ मुझसे पूछा- 'बेटा, तुम्हारा दिन कैसा बीता?'"
सुरक्षाकर्मी ये बताते हुए भावुक हो गए। उन्होंने आगे कहा, "92 साल की उम्र में भी उनकी गरिमा और दूसरों के लिए उनका प्यार और आदर कम नहीं हुआ था, लेकिन एक अच्छी चीज ये है कि हमारी ताई को ज्यादा समय तक बिस्तर पर रहकर कष्ट नहीं झेलने पड़े। वह आराम से भगवान के पास चली गईं।"
वहीं, आशा भोसले के घर के ठीक सामने पान की दुकान चलाने वाले जगदीश चौरसिया का भी ताई के लिए दर्द बाहर आ गया। उन्होंने बताया, "मैं दिन-रात उन्हीं के गाने सुनता रहता हूं। उन्होंने जो हमारे लिए विरासत छोड़ी है, वह कोई छोटी बात नहीं है। हम आम लोगों को शायद मरने के बाद परिवार ही याद रखे, लेकिन आशा जी को यह पूरा देश और आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी।"
बता दें, आशा भोसले के परिवार ने रविवार को जानकारी दी थी कि उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कासा ग्रांडे टावर ए, सेनापति बापट मार्ग, लोअर परेल में रखा जाएगा। इसके बाद सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।