
Bhumi Pednekar Shruti Desai teacher post: NEET-UG 2026 विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर भूमि पेडनेकर ने टिप्पणी की थी। उन्होंने उन सभी बच्चों के संस्कारों पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद से ही एक्ट्रेस को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच आध्यात्मिक मनोचिकित्सक (Spiritual Psychotherapist) श्रुति देसाई ने भूमि के स्कूल के दिनों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए एक पोस्ट शेयर किया है। श्रुति देसाई का दावा है कि उन्होंने मुंबई के एक फिल्म स्कूल में भूमि को पढ़ाया था। उनके इस पोस्ट के बाद से सोशल मीडिया पर तहलका मचा हुआ है। लोग दो पक्षों में बंट गए हैं।
शिक्षिका श्रुति देसाई ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया। इसके जरिए उन्होंने भूमि पेडनेकर के 'सम्मान और जिम्मेदारी' वाले रुख पर सवाल खड़े किए है। उन्होंने भूमि को टैग करते हुए लिखा कि उन्हें याद है कि जब वह मुंबई के फिल्म स्कूल में उनकी टीचर थीं, तब भूमि का रवैया अपने टीचर्स के लिए काफी अनादरपूर्ण था। श्रुति देसाई ने लिखा, "बदकिस्मती से मुझे याद है कि आप अपने शिक्षकों का कितना अनादर करती थीं। क्या आप सम्मान और जिम्मेदारी की इस नई अवधारणा के बारे में बताना चाहेंगी? इतने सालों में दुनिया को देखने का आपका नजरिया इतना कैसे बदल गया?"
जैसे ही श्रति देसाई का ये पोस्ट लोगों तक पहुंचा सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है और लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलने लगीं। कई यूजर्स ने भूमि के सालों पुराने बर्ताव का जिक्र करने के लिए उनकी बुराई की। एक ने लिखा, "तो आपके हिसाब से, अगर कोई जवानी में बेइज्जती करने वाला और बेरहम है, तो क्या उसे जिंदगी भर वैसा ही रहना चाहिए? एक टीचर से ऐसी उम्मीद कभी नहीं थी।" एक अन्य ने लिखा, "और उस पर एक 15 साल की लड़की को टारगेट करना, बजाय उसके सपोर्ट में दो शब्द कहने के ये गलत है।"
एक और ने लिखा कि किशोरावस्था (टीनएज) के व्यवहार के आधार पर किसी को जीवनभर जज नहीं किया जा सकता। वहीं, कई लोग टीचर श्रुति देसाई के पक्ष में कमेंट करते भी दिखे और उन्हें सच बोलने के लिए उनकी सराहना भी करने लगे। एक ने लिखा, "श्रुति, मुझे तुम्हें अपना दोस्त कहने में बहुत गर्व है, ब्रावो ब्रावो" और जैसा है वैसा कहने के लिए धन्यवाद।"
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब भूमि पेडनेकर ने जंतर-मंतर पर NEET-UG 2026 प्रोटेस्ट के दौरान देश के प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा की निंदा करते हुए एक वीडियो जारी किया था। वीडियो में भूमि ने कहा था कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है और विरोध हमेशा मर्यादा व सम्मान के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए। इसी के बाद से एक्ट्रेस लोगों के निशाने पर आ गई थीं। लोग उन्हें लाठीचार्ज याद दिलाने लगे थे।