
Salim Khan Parenting Advice: आज के समय में पेरेंटिंग को लेकर इंटरनेट पर सलाहों की भरमार है। हर कोई ये बताने को तैयार बैठा है कि बच्चे को कैसे पालें, कब किस स्कूल में डालें, कौन-सा करियर चुनवाएं और जीवन का हर कदम किस दिशा में उठाएं, लेकिन इस शोर के बीच बॉलीवुड के दिग्गज राइटर सलीम खान की बात कुछ अलग ही ठहरती है, सरल, गहरी और असल अनुभव से निकली हुई।
फेमस राइटर सलीम खान, जो 'शोले' और 'दीवार' जैसी कालजयी फिल्मों के लेखक रहे हैं, उन्होंने एक बातचीत में बच्चों की परवरिश पर एक बेहद सादी लेकिन असरदार बात कही। उन्होंने कहा कि इंसान भी प्रकृति का हिस्सा है, ठीक उन पेड़-पौधों की तरह जो अपने हिसाब से बढ़ते हैं। क्या कोई किसी पेड़ की ग्रोथ पहले से तय कर सकता है? नहीं तो, फिर एक बच्चे की पूरी जिंदगी की प्लानिंग करना कैसे संभव है? बता दें, उनकी इस सोच ने उन माता-पिता के लिए एक आईना का काम किया है जो अपने बच्चों की हर छोटी-बड़ी चीज को कंट्रोल करने की कोशिश में लगे रहते हैं।
सलीम खान के 3 बेटे हैं सलमान, अरबाज और सोहेल। तीनों की शख्सियत, काम करने का तरीका और सोच बिल्कुल जुदा है, लेकिन इस फर्क को सलीम खान ने कभी मिटाने की कोशिश नहीं की, बल्कि इसे स्वाभाविक मानकर एक्सेप्ट किया और उन्होंने बताया कि उनके बेटे जब भी किसी मुश्किल में होते हैं या कोई बड़ा फैसला लेना होता है, तो वे अपने पिता के पास सलाह के लिए जरूर आते हैं, लेकिन सलीम खान ने कभी ये जरूरी नहीं समझा कि वे हर वक्त उनके पीछे लगे रहें, उनके हर काम में दखल दें और उन्हें जज करें। उनका मानना है कि बच्चे को सांस लेने की जगह देना भी एक अच्छी परवरिश का हिस्सा है।
सलीम खान की सबसे खास बात ये रही कि माता-पिता का काम बच्चे को राह दिखाना है, उसकी राह खुद तय करना नहीं। बचपन में बच्चे को सुरक्षा और मार्गदर्शन चाहिए होता है, लेकिन जैसे-जैसे वो बड़ा होता है, उसे अपने फैसले खुद लेने का मौका मिलना चाहिए। सलीम खान के मुताबिक, "जिंदगी प्लानिंग से नहीं चलती।" ये लाइन बेहद छोटी है पर इसकी गहराई बहुत ज्यादा है। कितने ही माता-पिता अपने बच्चे के करियर से लेकर उसकी दोस्ती और रिश्तों तक सब कुछ तय करना चाहते हैं और इस कोशिश में अक्सर बच्चे और माता-पिता के बीच की दूरी बढ़ती जाती है।
पिता-बेटे के इस खास रिश्ते की झलक 2025 में तब दिखी जब सलमान खान ने सोशल मीडिया पर अपने पिता की एक जीवन सीख साझा की। उन्होंने लिखा कि प्रेजेंट ही केवल गिफ्ट है, बीता हुआ कल भविष्य को जकड़ लेता है और दोहराई गई गलतियां धीरे-धीरे आदत और फिर चरित्र बन जाती हैं। साथ ही ये भी कि किसी को दोष देना बेकार है, कोई आपके साथ वही करता है जो आप होने देते हैं। सलमान ने ये भी कहा कि काश ये सीख उन्होंने पहले सुनी होती।