
Jacqueline Fernandez comments on viral cow video: सोशल मीडिया पर अक्सर कुछ ऐसे वीडियो सामने आ जाते हैं, जो इंसानों और जानवरों के बीच के निस्वार्थ और गहरे प्यार को बयां कर देते हैं। ऐसा ही एक बेहद भावुक कर देने वाला वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर किसी की भी आंखें नम हो जाएं। यह वीडियो बांग्लादेश का बताया जा रहा है, जिसमें एक गरीब पशुपालक ईद-उल-अधा यानी बकरीद से पहले अपनी पाली हुई गाय को बेचने के बाद उसे गले लगाकर बच्चों की तरह फूट-फूटकर रोता नजर आ रहा है। जैसे ही ये वीजियो सामने आया, हर किसी की आंखों में पानी आ गया। लोग इस अटूट रिश्ते पर कमेंट करने लगे। ऐसे में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज को भी इस वीडियो ने बेहद भावुक कर दिया है। जैकलीन ने इस वीडियो पर एक ऐसा कमेंट किया है, जो अब खूब सुर्खियां बटोर रहा है।
इस वायरल वीडियो को 'कैबलग्राम' नाम के एक पेज द्वारा सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक बेबस पशुपालक अपने दिल के टुकड़े यानी अपनी गाय को किसी और को सौंपते समय खुद पर काबू नहीं रख पाता और उसे गले से लगाकर रोने लगता है। जानवर भी अपने मालिक के इस दुख को समझता हुआ शांत खड़ा दिखाई देता है। इस भावुक पोस्ट को देखने के बाद जैकलीन फर्नांडीज खुद को रोक नहीं पाईं और उन्होंने कमेंट सेक्शन में सिर्फ एक शब्द लिखा- "दुखद।" जैकलीन का यह छोटा सा कमेंट उनके फैंस का दिल छू रहा है।
दरअसल, जैकलीन फर्नांडीज को जानवरों से बेहद लगाव है और वह हमेशा पशु कल्याण यानी एनिमल वेलफेयर और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाती रही हैं। वह अक्सर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपने पालतू जानवरों के साथ तस्वीरें शेयर करती हैं और आवारा पशुओं को गोद लेने की अपील भी करती हैं। हाल ही में उन्होंने एक और वीडियो शेयर किया था, जिसमें एक शख्स सड़क के आवारा कुत्ते को पानी पिला रहा था। उस वीडियो के कैप्शन में जैकलीन ने लिखा था, "एक ग्राम दयालुता, एक टन अच्छे इरादों से कहीं अधिक कीमती होती है।"
बता दें, ईद-उल-अधा यानी बकरीद का त्योहार दुनिया भर के मुसलमानों के लिए बेहद खास होता है। साल 2026 में चंद्रमा के दिखने के आधार पर यह त्योहार 27 या 28 मई के आसपास मनाया जा रहा है। यह त्योहार पैगंबर इब्राहिम की ईश्वर के प्रति गहरी भक्ति को याद करते हुए मनाया जाता है, जिसमें कुर्बानी (पशु बलि) देने की एक पुरानी परंपरा है।
यही कारण है कि इस समय बकरियों, भेड़ों और मवेशियों की मांग बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। गरीब पशुपालकों और व्यापारियों के लिए यह त्योहार साल का वो बड़ा मौका होता है, जब वह अपने पाले हुए जानवरों को बेचकर अच्छा मुनाफा कमाते हैं, पुराना कर्ज चुकाते हैं और अपने परिवार का पेट पालते हैं। लेकिन आर्थिक जरूरत और अपने पालतू जानवर को हमेशा के लिए खो देने के बीच का यह दर्द इस वायरल वीडियो में साफ तौर पर महसूस किया जा सकता है।