
Mouni Roy News: आज की दुनिया में जहां किसी से मिली निराशा या धोखे के बाद सोशल मीडिया पर बदले की भावना वाले कोट्स शेयर करना और मन में कड़वाहट पालना एक ट्रेंड बन चुका है, वहीं बॉलीवुड एक्ट्रेस मौनी रॉय (Mouni Roy) ने एक बिल्कुल अलग और प्रेरणादायक रास्ता चुना है। हाल ही में अपने नए शो 'अब होगा हिसाब' के प्रमोशन के दौरान खास बातचीत में मौनी ने जिंदगी के सबसे कड़वे अनुभवों, धोखे और उससे उबरने (हीलिंग) की प्रक्रिया पर दिल खोलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे आध्यात्मिक विकास ने उन्हें लोगों को माफ करना और पुरानी तकलीफों को भूलकर आगे बढ़ना सिखाया है।
अगर आप सोच रहे हैं कि मौनी रॉय किसी डेली सोप की तरह अपनी असल जिंदगी में भी बदले की कोई ड्रामैटिक कहानी लेकर आने वाली हैं, तो आपके हाथ निराशा ही लगेगी। मौनी ने बताया कि कम उम्र में उनके लिए किसी के दिए दर्द को भूलना आसान नहीं था। उन्होंने कहा, "जब मैं बहुत छोटी थी, तो मैं लोगों को बहुत आसानी से माफ कर देती थी और आज भी करती हूँ, लेकिन मैं उस तकलीफ को भूल नहीं पाती थी। अब, अपनी व्यक्तिगत और आध्यात्मिक यात्रा के बाद मुझे लगता है कि आपका काम बस सामने वाले को माफ कर देना है, उसे दिल से भुला देने में भगवान खुद आपकी मदद करते हैं।" मौनी अब बदला लेने की प्लानिंग करने के बजाय मामले को यूनिवर्स और कर्म पर छोड़ना पसंद करती हैं।
मन में किसी के प्रति द्वेष या गुस्सा न रखने की एक बड़ी व्यावहारिक वजह बताते हुए मौनी ने इसकी तुलना हाथ में जलते हुए कोयले को पकड़ने से की। उन्होंने कहा, "अगर आप इस कड़वाहट को जाने नहीं देंगे, तो सबसे ज्यादा हाथ आपका ही जलेगा और तकलीफ आपको ही होगी। कई बार तो ऐसा होता है कि जिस व्यक्ति ने आपको इतना बड़ा दुख पहुंचाया है, वह इसके बारे में सोच भी नहीं रहा होता और अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका होता है।" मौनी ने साझा किया कि ध्यान (Meditation), मंत्र जाप और आध्यात्मिक साधनाओं ने उन्हें समय के साथ मानसिक शांति पाने में मदद की है।
हालांकि, मौनी का यह भी मानना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि आप किसी के हानिकारक व्यवहार को नजरअंदाज कर दें। उन्होंने साफ किया, "दुनिया में कुछ बुरे लोग ऐसे होते हैं जो आपको नुकसान पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। मैं उस व्यक्ति को बुरा नहीं कह रही हूँ, बल्कि उनके भीतर के बुरे गुणों और आदतों को गलत बता रही हूँ।" मौनी के इस अंदाज से साफ है कि वे इस मुश्किल दौर में खुद को संभालकर कर्म पर भरोसा रख आगे बढ़ रही हैं।