Moushumi Chatterjee: वेटरन एक्ट्रेस मौसमी चटर्जी ने 15 साल की उम्र में हुई अपनी शादी के बारे में खुलकर बात की और बताया कि उनकी फिल्म 'बालिका बधू' की सफलता ने कैसे उन्हें हर किसी की सबसे पसंदीदा दुल्हन बना दिया।
Moushumi Chatterjee: दिग्गज अभिनेत्री मौसमी चटर्जी का नाम आते ही जेहन में 'रिमझिम गिरे सावन…' गाना याद आ जाता है। 60 से 80 के दशक की जानी मानी अभिनेत्री मौसमी चटर्जी ने 1967 में बंगाली फिल्म 'बालिका बधू' से अभिनय जगत में कदम रखा था। मौसमी की शादी संगीतकार जयंता मुखर्जी से महज 15 साल की उम्र में हुई थी। हाल ही में एक्ट्रेस ने NDTV के साथ इंटरव्यू में कम उम्र में हुई शादी पर खुलकर बात की।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब मौसमी चटर्जी दसवीं क्लास में थी तब ही फिल्म 'बालिका वधु' आयी थी और उसके बाद ही उनकी सगाई हो गई थी। उस वक्त वो मात्र 15 साल की थी, जब उनकी शादी हुई। और केवल 17 साल की उम्र में ही वो मां भी बन गईं थीं। हालांकि, फिल्मों में नाम कमाने से पहले ही वो पत्नी और मां बन चुकीं थीं, बावजूद इसके अपने अभिनय के दम पर वो 70 के दशक की सबसे बड़ी एक्ट्रेसेस में से एक बन गईं। अपने फ़िल्मी करियर में उन्होंने राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गजों के साथ स्क्रीन शेयर की। वहीं, 'रोटी कपड़ा और मकान' और 'कच्चे धागे' जैसी फिल्मों से उन्होंने अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।
एनडीटीवी से बातचीत में अपनी शादी से जुड़ी घटनाओं के बारे में बात करते हुए बॉलीवुड एक्ट्रेस ने कहा, “हर चीज किसी न किसी कारण से होती है। मैं 10वीं कक्षा में थी, लेकिन बालिका बधू के बाद मेरी सगाई हो गई, सिर्फ इसलिए क्योंकि मेरे ससुर हेमंत मुखर्जी उस फिल्म के संगीत निर्देशक थे। इसलिए उनकी और मेरी फैमिली एक हो गए। और उस समय, हर कोई मुझे अपनी बहू बनाना चाहता था; हर कोई मुझे अपनी पत्नी बनाना चाहता था।”
उन्होंने आगे बताया, “यह बहुत अजीब था। सुबह से शाम तक लाइन लगती थी। इसीलिए मैं बहुत लाड़ली हो गई थी। और फिर मेरी बड़ी बुआ, मैं उनसे बहुत जुड़ी हुई थी; वो भवानीपुर में रहती थीं। और जब हमें पता चला कि वो कैंसर की आखिरी स्टेज में थीं। उन्होंने मेरे ससुर का हाथ पकड़कर कहा, 'हेमंता बाबू, क्या मैं उनकी शादी देख सकती हूं?' क्योंकि मैं हमारे परिवार की आखिरी लड़की थी, मेरे ससुर ने कहा, हां, तुम देखोगी।' और एक महीने के अंदर ही शादी हो गई।”
शादी के बाद मौसमी चैटर्जी मुंबई आ गईं और इसके बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “इसलिए मैं मुंबई आई। मैंने अपना गुड़ियाघर और एक छोटा सा कुत्ता खरीदा। फिर मेरी एक सहेली भी वापस गई और उसने अपनी दसवीं की परीक्षा दी क्योंकि उसका भी एक साल छूट गया था। वो मेरे साथ थी। मेरे ससुर ने इस बात का खास ध्यान रखा कि मुझे सब कुछ मिले। मुझे अकेलापन महसूस न हो। मैं दिन भर अपने गुड़ियाघर से खेलती रहती थी। मेरे पिता मेरे प्रति बहुत निश्चिन्त थे। वे मुंबई में मेरे लिए माता-पिता दोनों की तरह थे।”
पिछले कुछ सालों में अक्सर मौसमी चटर्जी ने इस बारे में बात की है कि उनकी लाइफ के वो साल कितनी तेजी से बदले। लेहरेन के साथ एक पुराने इंटरव्यू में, उन्होंने खुलासा किया था कि जिस समय उनकी शादी तय हुई थी, उसी समय से उन्होंने अपनी परीक्षाएं छोड़ दी थीं. उन्होंने कहा, “17 साल की उम्र में मैं मां बन गई। मुझे अपनी मर्सिडीज मिल गई। उस समय मुझे सफलता का मतलब भी नहीं पता था। मैं बस बड़े पर्दे पर अपना चेहरा देखकर खुश हो जाती थी।”