
Salman Khan Chori Chori Chupke Chupke: साल 2001 में रिलीज हुई फिल्म 'चोरी चोरी चुपके चुपके' को आज हम सलमान खान, रानी मुखर्जी और प्रीति जिंटा की बेहतरीन अदाकारी और सरोगेसी जैसे नए 'विषय टॉपिक के लिए जानते हैं। लेकिन बॉलीवुड के इतिहास में यह फिल्म अपनी कहानी से ज्यादा मुंबई अंडरवर्ल्ड के साथ अपने खतरनाक कनेक्शन के लिए जानी जाती रही है। अब सालों बाद इस फिल्म को लेकर मशहूर फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बॉलीवुड के उस काले सच से पर्दा उठाया है। उन्होंने जो कहा उसे सुनकर हर कोई हैरान हो रहा है।
राम गोपाल वर्मा ने हुसैन जैदी के साथ खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि फिल्म चोरी-चोरी चुपके-चुपके की शुरुआत बेहद अजीब तरीके से हुई थी। फिल्म के फाइनेंसर भरत शाह के पास नाजिम रिजवी नाम का एक शख्स आया और दावा किया कि उसके पास सलमान खान की डेट्स हैं। भरत भाई को यकीन नहीं हुआ क्योंकि रिजवी का कोई फिल्मी बैकग्राउंड नहीं था। जब भरत शाह ने खुद सलमान को फोन किया, तो सलमान ने कन्फर्म किया कि उन्होंने रिजवी को डेट्स दी हैं। बस, इसी भरोसे पर भरत शाह ने पैसा लगा दिया और फिल्म की शूटिंग शुरू हो गई।
असली कहानी तब शुरू हुई जब भरत शाह को पता चला कि नाजिम रिजवी के संबंध अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील से हैं। वर्मा के अनुसार, शाह को लगा कि वह तो सिर्फ बिजनेस कर रहे हैं, अगर निर्माता का कोई आपराधिक लिंक है तो उससे उन्हें क्या लेना-देना? लेकिन धीरे-धीरे चीजें हाथ से निकलने लगीं।
इंडस्ट्री के एक बिजनेसमैन को 5 करोड़ रुपये की फिरौती के लिए फोन आया। मदद के लिए वह भरत शाह के पास पहुंचा। शाह ने रिजवी के जरिए शकील से बात की और मामला 2 करोड़ पर सेटल हो गया। इसके बाद फिल्म जगत के और भी लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए शाह के पास आने लगे। शाह अनजाने में अंडरवर्ल्ड और बॉलीवुड के बीच एक 'पुल' बन गए थे, जबकि उन्हें इससे कोई आर्थिक फायदा नहीं हो रहा था।
साल 2001 में मुंबई पुलिस ने इस नेक्सस का भंडाफोड़ किया। भरत शाह और नाजिम रिजवी को गिरफ्तार कर लिया गया। शाह पर आरोप लगा कि उन्होंने रिजवी के अंडरवर्ल्ड संबंधों को छुपाया है। उन्हें एक साल की सजा हुई, लेकिन वह पहले ही 14 महीने हिरासत में काट चुके थे, इसलिए उन्हें रिहा कर दिया गया। वहीं, रिजवी को जबरन वसूली और अंडरवर्ल्ड संबंधों के लिए 6 साल की जेल और भारी जुर्माना लगाया गया।
भरत शाह उस वक्त बॉलीवुड के सबसे बड़े फाइनेंसर थे। उन्होंने 'देवदास', 'दिल से', 'डर' और 'मैं हूं ना' जैसी शानदार फिल्मों को सपोर्ट किया था। वे यश चोपड़ा और संजय लीला भंसाली जैसे दिग्गजों के चहेते थे। लेकिन 'चोरी चोरी चुपके चुपके' के विवाद ने उनके चमकते करियर पर ऐसा दाग लगाया कि आज भी जब इस फिल्म का नाम आता है, तो सिनेमा से ज्यादा छोटा शकील और पुलिस कार्रवाई की यादें ताजा हो जाती हैं।