Sameera Reddy Aakhri Sawal Role: समीरा रेड्डी ने संजय दत्त की फिल्म 'आखिरी सवाल' में अपने किरदार के बारे में बात करते हुए कहा, 'मैंने फिल्मों में वापसी सिर्फ सेफ ऑप्शंस चुनने के लिए नहीं की है।'
Sameera Reddy Aakhri Sawal Role: धुरंधर फ्रेंचाइज में एसपी चौधरी असलम से धमाल मचा चुके संजय दत्त अपनी अपकमिंग फिल्म 'आखिरी सवाल' से खूब चर्चा बटोर रहे हैं। इस फिल्म का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ था। इस टीजर को देख कर पता चलता है कि ये फिल्म एक हिम्मत भरी और सोचने पर मजबूर करने वाली कहानी दिखाती है।फिल्म में बॉलीवुड एक्ट्रेस समीरा रेड्डी फिल्मों में कमबैक कर हैं। इसके साथ ही फिल्म पर बात करते हुए उन्होंने कहा है कि उनका ये कमबैक सुरक्षित विकल्प चुनने की बजाए चैलेंजेस को स्वीकार करने के लिए किया है।
इस प्रोजेक्ट को चुनने के बारे में बात करते हुए, समीरा रेड्डी ने ये साफ़ किया कि अपनी वापसी के लिए वो कोई आसान या ऐवरेज भूमिका नहीं चाहती थीं। न्यूज़18 की खबर के अनुसार, समीरा रेड्डी ने कहा, “मैंने फिल्मों में वापसी सिर्फ सुरक्षित विकल्प चुनने के लिए नहीं की थी और 'आखिरी सवाल' का किरदार बिल्कुल भी आसान नहीं है। आरएसएस के बारे में मेरी समझ पहले सीमित थी और अधूरी जानकारी पर आधारित थी, लेकिन स्क्रिप्ट पढ़कर मुझे एहसास हुआ कि मेरी कई बातें गलत थीं। यह एहसास मेरे मन में बस गया। यह फिल्म आपको सुकून नहीं देती, बल्कि सोचने और सवाल करने पर मजबूर करती है। यह आपकी पुरानी मान्यताओं को चुनौती देती है। मैं चाहती थी कि मेरी वापसी कुछ अलग और साहसिक हो, जो मेरे आत्मविश्वास को दिखाए।"
संजय दत्त की आगामी फिल्म आखिरी सवाल का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक अभिजीत मोहन वारंग कर रहे हैं, जो इसे एक साधारण ऐतिहासिक कहानी नहीं, बल्कि गहरी सोच और समझ वाली कहानी बना रहे हैं। यह फिल्म एक अहम बैठक के आसपास की कहानी है। साथ ही, यह सेवा, विश्वास और देश के सामाजिक-राजनीतिक पहलुओं को भी समझने की कोशिश करती है। संजय दत्त और समीरा रेड्डी के साथ, फिल्म में अमित साध, नमाशी चक्रवर्ती, त्रिधा चौधरी और नीतू चंद्र भी हैं। आने वाली 8 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्म 'आखिरी सवाल' अपने ऐतिहासिक पटकथा के कारण पहले से ही चर्चा में है।
बता दें कि फिल्म का टीजर हनुमान जयंती पर रिलीज किया गया था जिसके चलते फिल्म की अपनी रिलीज से पहले ही सुर्खियां बटोर रही है। इस छोटी सी झलक ने लोगों की दिलचस्पी जगा दी है क्योंकि इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शुरुआती इतिहास को छुआ गया है, जो एक ऐसी कहानी की ओर इशारा करता है जिस पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।