Shivsena On Shahrukh Khan: पहले धर्मगुरु रामभद्राचार्य ने शाहरुख खान पर अपनी भड़ास निकाली और अब शिवसेना से उन्हें चेतावनी मिली है। यह पूरा मामला क्या है और क्यों आखिर किंग खान पर देशद्रोह जैसे आरोप लग रहे हैं आइये जानते हैं...
Shiv Sena On Shahrukh Khan: बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान नए पचड़े में फंसते जा रहे हैं। उनकी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब आईपीएल की अपनी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स में उन्होंने बांग्लादेश के प्लेयर को खरीदा। ऐसे में कई धर्मगुरुओं और भाजपा जनता पार्टी की आलोचना के बाद अब शिवसेना (यूबीटी) से भी शाहरुख खान को चेतावनी मिली है। शिवसेना ने कहा है कि शाहरुख को किसी भी कीमत पर इस खिलाड़ी को भारत में खेलवाने का मौका नहीं देंगे।
महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने गुरुवार को इस मुद्दे पर तीखा बयान जारी किया। उन्होंने शाहरुख खान को चेतावनी देते हुए कहा, "एक हिंदू और पक्का शिवसैनिक होने के नाते हम इस फैसले का पुरजोर विरोध करेंगे। अगर शाहरुख खान मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर कर देते हैं, तो हम उनके फैसले का सम्मान करेंगे। लेकिन, अगर वह उन्हें खिलाते हैं और फिर पैसे दिते हैं, तो उसी पैसे का इस्तेमाल हमारे देश के खिलाफ साजिश रचने में हो सकता है। हम ऐसा बिल्कुल नहीं होने देंगे।"
विवाद की शुरुआत बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा के विरोध से हुई है। आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने शाहरुख की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जब वहां हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, तो ऐसे में बांग्लादेशी खिलाड़ी को 9.2 करोड़ रुपये देना गलत है। उन्होंने मांग की है कि केकेआर मुस्तफिजुर को टीम से हटाए और वह पैसा पीड़ित हिंदू परिवारों की मदद के लिए दान करे।
आईपीएल 2026 के सीजन से पहले केकेआर ने मुस्तफिजुर रहमान को एक बड़ी रकम में खरीदा था, लेकिन अब यह मामला खेल से ज्यादा राजनीतिक और धार्मिक रंग ले चुका है। सोशल मीडिया पर भी 'बॉयकॉट केकेआर' जैसे ट्रेंड देखने को मिल रहे हैं।
फिलहाल शाहरुख खान या केकेआर की तरफ से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जिस तरह से विरोध बढ़ रहा है, उसे देखकर लगता है कि शाहरुख के लिए इस बार का आईपीएल सीजन शुरू होने से पहले ही तनाव भरा रहने वाला है।