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एक्टर अन्नू कपूर ने दिया बड़ा बयान, बोले- हिंदुओं के लिए एकजुट रहना बहुत जरूरी

Annu Kapoor on Vande Mataram: एक इंटरव्यू के दौरान अन्नू कपूर ने भारत के प्राचीन संस्कृत ग्रंथों के बारे में बात की और केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 'वंदे मातरम' पर दिए गए निर्देश की सराहना करते हुए इसे एक अच्छा निर्णय कहा। आइए जानते हैं अन्नू कपूर ने आगे और क्या कहा?

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मुंबई

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Rashi Sharma

Feb 20, 2026

Annu Kapoor on Vand Mataram

वंदे मातरम पर बात करते हुए एक्टर अन्नू कपूर ने दिया बड़ा बयान। (फोटो सोर्स: ANI)

Annu Kapoor on Vande Mataram: वेटरन एक्टर अन्नू कपूर ने राष्ट्रगान से पहले 'वंदे मातरम' के सभी छह श्लोकों का गायन अनिवार्य करने वाले केंद्रीय गृह मंत्रालय (Union Home Ministry) के हाल ही में दिए गए निर्देश का समर्थन करते हुए इसको एक "बेहतरीन निर्णय" बताया। ANI से बात करते हुए अन्नू कपूर ने कहा कि वो पिछले 32 सालों से वंदे मातरम के समर्थन में लगे हुए हैं और उन्हें गर्व है कि अब इस पर चर्चा हो रही है।

बहुत ही बढ़िया और शानदार निर्णय

उन्होंने कहा, "यह बहुत अच्छा निर्णय है। यह एक बहुत ही बढ़िया, शानदार निर्णय है। यह निर्णय हाल ही में लिया गया है, लेकिन मैं पिछले 32 सालों से वंदे मातरम का जाप कर रहा हूं। यह अच्छी बात है।' आगे वो कहते हैं, 'अगर आप अमेरिका के किसी व्यक्ति से मिलें, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया या ह्यूस्टन से, और अगर आप उनके मुंह से वंदे मातरम सुनते हैं, तो मान लीजिए कि उन्हें यह आदत अन्नू कपूर से लगी है।"

अन्नू कपूर ने आगे कहा, “तो, यह बहुत अच्छी बात है और यह पंडित बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की चिरस्थायी रचना है, जो हमारा राष्ट्रगान है। वंदे मातरम। इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, वंदे मातरम”।

क्या कोई हिंदू प्रार्थना नहीं कर सकता?

इसके आगे उन्होंने कहा, “संस्कृत विश्व की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है। संस्कृत में अद्भुत साहित्य लिखा गया है और संस्कृत में प्रार्थना भी है। अगर लोग सोचते हैं कि यह प्रार्थना किसी हिंदू की है, तो इसमें क्या समस्या है? क्या कोई हिंदू प्रार्थना नहीं कर सकता? और अगर कोई हिंदू प्रार्थना करता है, तो वह केवल अपने कल्याण की बात नहीं करेगा, बल्कि पूरे विश्व के कल्याण की बात करेगा। विश्व भर में फैली हिंसा के बीच अगर कभी गलती से भी शांति की लहर, शांति की हवा आए, तो उस हवा की सुगंध केवल भारत की धरती से ही आएगी।”

वहीं, भारत में हिंदू और मुस्लिम के बीच बढ़ते विभाजन के बारे में अन्नू कपूर ने कहा, "यह राजनीति है। हिंदुओं के लिए एकजुट रहना बहुत जरूरी है। एकता होगी तभी हम दुश्मन का सामना कर पाएंगे। लोगों को धर्म, जाति और संप्रदाय को भूल जाना चाहिए।"

अन्नू कपूर का फिल्मीं सफर

वर्कफ्रंट की बात करें तो आज अपने 70वें जन्मदिन पर ANI को दिए इंटरव्यू में अन्नू कपूर ने अपने नए नाटक 'ट्रिपल ए' के बारे में भी बात करते हुए बताया कि इसका मतलब है "कला, कलाकार और दर्शक"। इस नाटक को बनाने में अरुणिमा मिश्रा, देवेंद्र बलसरफ और सूफी खान उनके साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस नाटक के कलाकारों की चुनाव के लिए ऑडिशन चल रहे हैं।

फिल्म जगत में अब तक के अपने सफर में अन्नू कपूर ने सिनेमा, टेलीविजन और रेडियो में तरह-तरह की किरदार जिए हैं। अपने फिल्मी करियर में अन्नू कपूर ने कई सफल फिल्मों में काम किया है, जिनमें 'मंडी', 'मिस्टर इंडिया', 'तेजाब', 'राम लखन', 'घायल', 'हम', 'डर', 'सरदार', 'ऐतराज', 'विक्की डोनर', और '7 खून माफ' जैसी फिल्मों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने जी टीवी के पॉपुलर शो अंताक्षरी को होस्ट भी किया है। वहीं, रेडियो में अन्नु कपूर काफी समय से सुहाना सफर विध अन्नू कपूर नाम का शो पेश करते हैं।