बॉलीवुड

‘हक’, ‘केरला स्टोरी’ के बाद प्यार और धोखे की एक इमोशनल और दमदार कहानी, ‘तीसरी बेगम’

Teesri Begum: हाल ही में रिलीज हुई के.सी.बोकाडिया की फिल्म ‘तीसरी बेगम’ रिलीज हुई है, जिसमें महिला सशक्तिकरण, धोखे और रिश्तों की कहानी को दमदार अंदाज में पेश किया गया है। आइये जानते हैं फिल्म की कहानी और किरदारों के बारे में...
3 min read
May 30, 2026
Teesri Begham
के.सी.बोकाडिया की फिल्म ‘तीसरी बेगम’ से एक फोटो। (फोटो सोर्स: IMDb)

Teesri Begum: हिंदी सिनेमा में समय-समय पर पर्दे पर समाज में महिलाओं के प्रति फैले रूढ़िवाद, पितृसत्ता और कई मुद्दों को दिखाया जाता रहा है। इस तरह की फिल्में जिनकी कहानी ट्रिपल तलाक़, अंतर-धार्मिक विवाह और 'लव जिहाद' जैसे विषयों पर आधारित होती है, बहस और चर्चा का विषय भी बनती हैं। इसमें कोई दोराय नहीं है कि इन फिल्मों की कहानियां अक्सर असल ज़िंदगी की घटनाओं से प्रेरित ती हैं, जो दर्शकों को रिश्तों, भरोसे और सामाजिक व्यवस्था से जुड़े सवालों पर सोचने पर मजबूर करती हैं। अब हाल ही में एक फिल्म आई है 'तीसरी बेगम', जिसमें एक ऐसी कहानी दिखाई जा रही है जो प्यार, धोखे, एक से ज्यादा शादी और महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दे उठाती है।

के.सी.बोकाडिया की फिल्म ‘तीसरी बेगम’

बॉलीवुड को 'तेरी मेहरबानियां', 'कुदरत का कानून', 'लाल बादशाह', 'प्यार झुकता नहीं', 'नसीब अपना अपना', 'आज का अर्जुन', 'फूल बने अंगारे' और 'हम तुम्हारे हैं सनम' जैसी सुपरहिट फिल्में देने वाले फिल्म मेकर के. सी. बोकाडिया इस हफ्ते फिल्म ‘तीसरी बेगम’ लेकर आए हैं। ये फिल्म एक रियल लाइफ स्टोरी पर आधारित है और एक सोशल ड्रामा है। ‘केरला स्टोरी 1, 'केरला स्टोरी 2' और ‘यामी गौतम की 'हक़’ जैसी फिल्मों की याद दिलाने वाली इस सोशल ड्रामा में मुग्धा गोडसे, रचना श्याम, कायनात अरोड़ा और ज़रीना वहाब ने शानदार अभिनय किया है।

तीसरी बेगम की कहानी (Story of Teesri Begum)

बीएमबी प्रोडक्शन के बैनर तले बनी 1 घंटा 52 मिनट की इस फिल्म की कहानी पूजा दीक्षित नाम की एक भोली-भाली लड़की के इर्द गिर्द घूमती है, जिसकी शादी धोखे से बब्बन खान से हो जाती है। शादी के बाद पूजा का नाम नगमा रख दिया जाता है और उसे एक चौंकाने वाली सच्चाई पता चलती है कि बब्बन खान की पहले से ही दो बीवियां हैं। पूजा अपने आप को एक जाल में फंसा हुआ महसूस करती है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब उसे अपनी सौतन शबाना और तबस्सुम का सहारा मिलता है और फिर ये तीनों महिलाएं मिलकर अपनी गरिमा को दोबारा हासिल करने और अपने अत्याचारी पति के विरुद्ध खड़े होने का संकल्प लेती हैं। उसके बाद क्या होता है, क्या वो तीनों बब्बन के की कैद से आजाद हो पातीं हैं और उनके संघर्ष की कहानी जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

फिल्म ‘तीसरी बेगम’ से एक फोटो। (फोटो सोर्स: IMDb)

60 से ज्यादा हिट फिल्में दे चुके निर्देशक के. सी. बोकाडिया

बॉलीवुड के लगभग सभी जाने-माने स्टार्स के साथ 60 से अधिक हिट फिल्में बना चुके निर्माता-निर्देशक के. सी. बोकाडिया ने हमेशा हीरोइन ओरिएंटेड और सोशल इशूज का सिनेमा रचा है। उनकी लेटेस्ट फिल्म 'तीसरी बेगम' भी सोशल मुद्दे पर आधारित है जो महिला सशक्तिकरण की बात करती है।

जहां तक निर्देशक के. सी. बोकाडिया के डायरेक्शन की बात है उन्होंने अपना काम सौ प्रतिशत किया है। इतने संवेदनशील विषय को उन्होंने बड़े ही अनुभवी तरीके से हैंडल किया है। समाज में फैले कई सवालों को उठाती फिल्म 'तीसरी बेगम' के हर पहलू पर उनकी गहरी समझ नजर आती है। चाहे कलाकारों से अभिनय करवाना हो या कोई संवाद और किसी सीन को असरदार बनाना हो या कहीं केवल चेहरे के हावभाव से एक्टिंग करवाना हो उन्हें अपना काम बखूबी आता है।

फिल्म की स्टार कास्ट

लखनऊ और बनारस की रियल लोकेशन पर शूट हुई इस फिल्म का हर सीन असरदार है, यहां तक कि फिल्म की लोकेशन भी एक किरदार की तरह ही अहम दिखाई गई है। फिल्म की कास्ट की बात करें तो मुग्धा गोडसे, कायनात अरोड़ा, जरीना वहाब, केविन गांधी और रचना श्याम ने अपने-अपने किरदारों को बखूबी निभाया है। बता दें कि फिल्म को सेंसर बोर्ड ने 'ए' सर्टिफिकेट दिया है।

फिल्म तीसरी बेगम आपको देखनी चाहिए क्योंकि ये महिला सशक्तिकरण की बात को प्रभावी रूप से कहती है और यह एक कमर्शियल सिनेमा है। इसमे एक्शन है म्युज़िक है अच्छे डायलॉग हैं कुछ बेहतरीन अदाकारी है।