Waheeda Rehman On AR Rahman : एआर रहमान के सांप्रदायिक बयान के बाद मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। अब इसमें वहीदा रहमान ने भी अपनी बात रखी है। उन्होंने इसे प्रोफेशनल बदलाव बताया है।
Waheeda Rehman On AR Rahman: फेमस म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान पिछले कुछ दिनों से अपने एक बयान को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया था कि पिछले कुछ सालों में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री यानी बॉलीवुड में सांप्रदायिक भेदभाव और सत्ता परिवर्तन की वजह से उन्हें काम मिलना कम हो गया है। जैसे ही ये उनका ये बयान सामने आया, जावेद अख्तर, कंगना रनौत और शंकर महादेवन जैसी हस्तियों ने अपनी राय रखनी शुरू कर दी। कोई उनके सपोर्ट में बोला, तो किसी ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। वहीं अब हिंदी सिनेमा की सदाबहार एक्ट्रेस वहीदा रहमान ने भी इस विवाद पर अपनी बेबाक राय रखी है।
87 साल की वहीदा रहमान ने 'टाइम्स टाऊ' से खास बातचीत की। इस दौरान जब उनसे एआर रहमान के इन आरोपों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी ही सादगी से इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा, "हां, मैंने इसके बारे में पढ़ा जरूर है, लेकिन मैं ऐसी बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देती। जब देश में सब कुछ ठीक चल रहा हो, तो हमें इन छोटी-मोटी बातों में नहीं उलझना चाहिए। ऐसी चीजें तो हर देश और हर जगह होती रहती हैं।"
वहीदा रहमान ने एआर रहमानके दावों के पीछे का असली कारण धर्म या भेदभाव को नहीं, बल्कि 'वक्त के बदलाव' को बताया। उन्होंने बड़ी व्यावहारिक बात कहते हुए कहा, "इंडस्ट्री में काम का ग्राफ हमेशा ऊपर-नीचे होता रहता है। यह कोई नई बात नहीं है। एक समय के बाद लोग चाहते हैं कि किसी नए व्यक्ति या कुछ अलग संगीत को मौका दिया जाए। ऐसा मुमकिन नहीं है कि अगर कोई बहुत ऊंचाई पर पहुंच गया है, तो वह हमेशा वहीं टिका रहे। समय बदलता है और उसके साथ मांग भी बदलती है।"
अपनी उम्र और तजुर्बे का हवाला देते हुए वहीदा जी ने आगे कहा कि अब वह किसी भी विवाद या नकारात्मकता में पड़ना पसंद नहीं करतीं। उन्होंने कहा, "अब इस उम्र में मैं किसी भी बात या व्यक्ति से उलझना नहीं चाहती। हमें इस बात की गहराई में क्यों जाना चाहिए कि क्या सच है और क्या झूठ? मेरा मानना है कि यह हमारा देश है और हमें अपनी शांति के साथ खुश रहना चाहिए। मैं बस यही कह सकती हूं।"
बता दें, ऑस्कर विजेता एआर रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनके खिलाफ एक 'गैंग' काम कर रहा है और धार्मिक आधार पर बढ़ते भेदभाव की वजह से उन्हें बॉलीवुड की बड़ी फिल्मों के ऑफर नहीं मिल रहे हैं। हालांकि विवाद बढ़ने पर उन्होंने सोशल मीडिया पर यह भी साफ किया था कि वह सिर्फ अपना अनुभव शेयर कर रहे थे। अब वहीदा रहमान की इस टिप्पणी ने इस बहस को एक नया मोड़ दे दिया है, जहां उन्होंने इसे सांप्रदायिक मुद्दा न मानकर केवल एक प्रोफेशनल बदलाव बताया है।