
Yogi Adityanath In Bulandshahr: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर का दौरा किया। यहां उन्होंने विकास परियोजनाओं की सौगात देने के साथ ही एक ऐसे व्यक्ति को सम्मानित किया जिनका समाज और शिक्षा के प्रति समर्पण सबके लिए प्रेरणा बन गया है। मुख्यमंत्री ने शिकारपुर स्थित 'रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर' के लिए अपनी निजी भूमि दान करने वाले वरिष्ठ स्वयंसेवक राजपाल सिंह को मंच पर अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
राजपाल सिंह शिकारपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के काफी पुराने और वरिष्ठ स्वयंसेवक हैं। उनकी अपनी कोई संतान नहीं है। समाज और देश के निर्माण में शिक्षा की अहम भूमिका को समझते हुए उन्होंने अपनी निजी जमीन रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर के निर्माण के लिए दान कर दी। उनके इस बड़े कदम को शिक्षा और राष्ट्र सेवा के प्रति एक बहुत बड़ी मिसाल माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से उनकी जमकर तारीफ की और कहा कि ऐसे काम समाज के लिए बेहद प्रेरणादायक हैं और आने वाली पीढ़ियों को समाज हित में काम करने की सीख देते हैं।
स्कूल के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने बुलंदशहर और सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 58 विकास परियोजनाओं का तोहफा दिया। इनमें 27 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई और 31 का उद्घाटन किया गया। इन सभी विकास परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 574 करोड़ रुपये है। इनमें सड़क निर्माण, पेयजल योजना, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पुलिस बैरक, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, आईटीआई, स्पोर्ट्स स्टेडियम और कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल जैसी अहम सुविधाएं शामिल हैं। इससे जिले में रोजगार शिक्षा स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर के नुमाइश मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं, कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा और किसानों के कल्याण पर विस्तार से बात की। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी क्षेत्रों में विकास कर रही है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को खास प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए पूरे बुलंदशहर में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे और चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात था।