बुलंदशहर

अनोखी पहल: इस स्कूल में पढ़ाई करने के लिए स्टूडेंट्स को रोजाना दिए जाते हैं 10-10 रुपये

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर विशेष: मिसाल बना अनूपशहर स्थित परदादा-परदादी पब्लिक स्कूल

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Sep 08, 2018
bulandshahr
अनोखी पहल: इस स्कूल में पढ़ाई करने के लिए स्टूडेंट्स को रोजाना दिए जाते हैं 10-10 रुपये

बुलंदशहर. यूपी में आपने ऐसे बहुत से स्कूल देखे होंगे जहां कभी फीस तो कभी अन्य अनावश्यक शुल्क के नाम कमाई की जाती है, लेकिन कुछ ऐसे स्कूल भी हैं जो समाज के सामने मिसाल पेश कर रहे हैं। इन्हीं में से एक है बुलंदशहर के अनूपशहर स्थित परदादा-परदादी पब्लिक स्कूल। जहां बेटियों को मुफ्त शिक्षा दी जाती हैै। इतना ही नहीं यहां पढ़ने वाली छात्राओं को रोजाना 10-10 रुपये भी दिए जाते हैं। बता दें कि स्कूल प्रबंधन की इस अनोखी पहल का उद्देश्य सिर्फ इतना है, ताकि छात्राएं अपनी निजी जरूरतों के लिए किसी के सामने हाथ न फैलाएं। यहां बता दें कि इस स्कूल की छात्राएं अमेरिका में भी नाम रोशन कर चुकी हैं।

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर आज हम आपको परदादा-परदादी एजुकेशन संस्था द्वारा अनूपशहर में संचालित परदादा-परदादी पब्लिक स्कूल के बारे में बताने जा रहे हैं, जो कई मायनों में अलग है। यहां लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगारपरक शिक्षा दी जाती है। संस्था लड़कियों को रोजगार परक शिक्षा पहली क्लास से ही दे रही है, जिसका परिणाम है कि इस यहां कि लड़कियां यहां से पढ़कर देश की बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। साथ ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद अच्छे संस्थानों में उच्च वेतन पर नौकरी कर अपने गांव और अपने जनपद का नाम रोशन कर रही हैं।

स्कूल में पढ़ रही छात्रा सोनी की मानें तो इस स्कूल में आने से उसके जीवन में बहुत बदलाव हुआ है, क्योंकि यहां नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है। साथ ही कंप्यूटर की शिक्षा भी दी जाती है। खास बात यह है कि स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के बैंक खाते में रोजाना 10 रुपये भी जमा करवाए जाते हैं। वहीं स्कूल टीचर मोहित ने बताया कि स्कूल में पढ़ने वाली गरीब लड़कियों का भविष्य सुधारने के लिए यहां कक्षा छह से बारहवीं तक की छात्राओं को कंप्यूटर की पढ़ाई मुफ्त में कराई जाती है।

बता दें कि अमेरिका से लौटने के बाद अंकल सैम ने परदादा-परदादी संस्था की शुरुआत की थी। संस्था के चेयरमैन अंकल सैम बताते हैं कि उन्होंने संकल्प लिया है कि सभी गर्ल्स स्टूडेंट को कंप्यूटर और इंग्लिश की एजुकेशन देंगे, ताकि उन्हें अच्छे संस्थानों में रोजगार प्राप्त हो सके। परदादा-परदादी एजुकेशन संस्था केवल लड़कियाें के लिए हैं। यहां शिक्षक छात्राओं को बेहतर शिक्षा के साथ मानसिक और जनरल नॉलेज की शिक्षा देते हैं। साथ खेलों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। इस तरह संस्ता बेटियों को हर स्तर पर मजबूत करने का कार्य करती है। अंकल सैम का कहना है कि स्कूल की छात्राओं की प्रतिभा काे पहचान कर उसी क्षेत्र का पूर्ण ज्ञान दिया जाता है।

Published on:
08 Sept 2018 01:13 pm