
8th CPC Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के संगठनों के लिए 8 वें वेतन आयोग ने मेमोरेंडम की लास्ट डेट 15 जून तय की थी, जो कि अब समाप्त हो चुकी है। अब कर्मचारी संगठन वेतन आयोग की सिफारिशों और फिटमेंट फैक्टर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इससे पहले आयोग लखनऊ, भुवनेश्वर और कोलकाता में स्टेकहोल्डर्स के साथ मीटिंग करेगा। लेकिन इससे पहले जानते है कि सात वेतन आयोगों ने किस तरह अलग-अलग समय में कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाई है।
1 अप्रैल 1946 को पहला वेतन आयोग लागू किया गया था। इसमें कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी 55 रुपये और मैक्सीमम सैलरी 2,000 रुपये तय की गई थी। इसके बाद दूसरे वेतन आयोग को 1 जुलाई 1959 को लागू किया गया जिसमें मिनिमम सैलरी बढ़कर 80 रुपये और मैक्सीमम सैलरी 2,250 रुपये हो गई थी।
| वेतन आयोग | लागू वर्ष | न्यूनतम मूल वेतन (₹) | न्यूनतम वेतन में पिछले आयोग से वृद्धि (₹) | अधिकतम मूल वेतन (₹) | अधिकतम वेतन में पिछले आयोग से वृद्धि (₹) |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 1946 | 55 | - | 2,000 | - |
| 2 | 1959 | 80 | 25 | 2,250 | 250 |
| 3 | 1973 | 185 | 105 | 3,500 | 1,250 |
| 4 | 1986 | 750 | 565 | 9,000 | 5,500 |
| 5 | 1996 | 2,550 | 1,800 | 26,000 | 17,000 |
| 6 | 2006 | 7,000 | 4,450 | 80,000 | 54,000 |
| 7 | 2016 | 18,000 | 11,000 | 2,50,000 | 1,70,000 |
5वें वेतन आयोग तक कर्मचारियों की तनख्वाह बढ़कर 2,250 रुपये मिनिमम सैलरी और 26,000 रुपये मैक्सीमम सैलरी हो गई थी। इसके बाद 6th वेतन आयोग में मिनिमम सैलरी बढ़कर 7,000 रुपये और मैक्सीमम सैलरी बढ़कर 80,000 रुपये हो गई थी।
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक (Multiplier) होता है, जिसके आधार पर कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी को नई बेसिक सैलरी में बदला जाता है। इसका इस्तेमाल पुरानी बेसिक सैलरी को बढ़ाकर नई बैसिक सैलरी तय करने के लिए किया जाता है। 6th वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.86 था।
मिनिमम सैलरी के तौर पर देखा जाए तो 7वें वेतन आयोग में 11,000 रुपये की सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की गई। वहीं, दूसरे वेतन आयोग में मात्र 25 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जो सबसे कम थी। वहीं मैक्सीमम सैलरी में भी 7वें वेतन आयोग में 1,70,000 रुपये की सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की गई थी और दूसरे वेतन आयोग में मात्र 250 रुपये की सबसे कम बढ़ोतरी की गई थी।