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Crude Oil में भारी गिरावट से BPCL, IOCL और HPCL जैसे शेयरों में आया उछाल, क्या घटेंगे Petrol-Diesel के भाव?

Crude Oil Price Fall: अमेरिका और ईरान द्वारा पीस डील का ऐलान करने के बाद अब होर्मुज स्ट्रेट के खुलने का रास्ता साफ हो गया है। इससे आने वाले दिनों में क्रूड ऑयल की सप्लाई फिर से सामान्य होने की उम्मीदें हैं।

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Jun 15, 2026
Petrol-Diesel Price
क्रूड ऑयल में बड़ी गिरावट आई है। (PC: AI)

Petrol-Diesel Price: क्रूड ऑयल की कीमतों में आई जबरदस्त गिरावट का असर आज सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों में भी देखा जा रहा है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों के शेयरों में आज अच्छी खासी तेजी देखी जा रही है। यही नहीं, एविएशन स्टॉक्स भी उछल गये हैं। इंडिगो और स्पाइसजेट के शेयर हरे निशान पर ट्रेड करते दिखे हैं।

5% लुढ़का कच्चे तेल का भाव

सोमवार सुबह कच्चे तेल की कीमतों में 5 फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली। हालांकि, दोपहर आते-आते गिरावट थोड़ी कम हुई। दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर WTI क्रूड 4.67 फीसदी या 3.96 डॉलर की गिरावट के साथ 80.92 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखाई दिया। वहीं, ब्रेंट क्रूड इस समय 4.05 फीसदी या 3.54 डॉलर की गिरावट के साथ 83.79 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा।

PC: Trading Economics

सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों में तेजी

कच्चे तेल में गिरावट का सीधा असर तेल कंपनियों के शेयरों में देखने को मिला है। सोमवार दोपहर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन का शेयर बीएसई पर 3.67 फीसदी की बढ़त के साथ 403 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। कारोबार के दौरान यह अधिकतम 410 रुपये तक ऊपर दिखाई दिया। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड का शेयर इस समय 2.55 फीसदी की बढ़त के साथ 309.90 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। कारोबार के दौरान यह अधिकतम 316.60 रुपये तक ऊपर दिखाई दिया। वहीं, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड का शेयर 2.98 फीसदी की बढ़त के साथ 145.15 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। गेल इंडिया का शेयर 3.85 फीसदी उछलकर 176.90 रुपये पर पहुंच गया।

एविएशन स्टॉक्स भी उछले

क्रूड ऑयल में गिरावट से एविएशन फ्यूल की कीमतों में भी गिरावट की उम्मीदें हैं। ऐसे में आज एविएशन स्टॉक्स भी उछल गए। इंडिगो का शेयर 4.25 फीसदी उछलकर 4908.60 रुपये पर पहुंच गया। स्पाइसजेट का शेयर भी 4.78 फीसदी उछलकर 12.94 रुपये पर पहुंच गया है। कारोबार के दौरान यह 13.38 रुपये तक ऊपर दिखा था।

मई में 7 रुपये से ज्यादा महंगे हुए पेट्रोल-डीजल

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज सोमवार को कोई बदलाव नहीं हुआ है। कई राज्यों में चुनावों के बाद मई महीने में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 4 बार इजाफा किया गया। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमत में करीब 7.5 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी मई महीने में की गई थी। ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते होर्मुज से सप्लाई बाधित होने पर कच्चे तेल के दाम 115 डॉलर तक ऊपर पहुंच गए थे, जिससे तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीजल पर नुकसान उठाना पड़ रहा था। ऐसे में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाकर कंपनियों को कुछ राहत दी गई।

क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां क्रूड ऑयल में पहले आई तेजी और रुपये में गिरावट के चलते हुए नुकसान की अभी भी भरपाई कर रही हैं। कंपनियां इस समय इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव में कमी से आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमत में लगातार गिरावट आती है या नहीं। अगर क्रूड ऑयल में लगातार गिरावट आती है, तो कंपनियों देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी राहत दे सकती हैं।

सिर्फ क्रूड सस्ता होना काफी नहीं

मास्टर ट्रस्ट के चीफ रिसर्च ऑफिसर डॉ रवि सिंह ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया कि जब ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल सस्ता होता है, तो कायदे से पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने चाहिए। लेकिन असल जिंदगी में इसका सीधा असर तुरंत हमारी जेब पर नहीं दिखता। उन्होंने आगे कहा, 'इसके पीछे पहला बड़ा कारण तेल कंपनियों का मार्जिन है। जब कच्चा तेल महंगा होता है और कंपनियां दाम नहीं बढ़ा पातीं, तो उन्हें काफी नुकसान होता है। ऐसे में जब तेल सस्ता होता है, तो वो पंप पर दाम घटाने के बजाय सबसे पहले अपना पुराना घाटा रिकवर करती हैं। दूसरा फैक्टर डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल है। हम अपना 80% से ज्यादा तेल बाहर से मंगाते हैं और पेमेंट डॉलर में करते हैं। अगर क्रूड सस्ता हो जाए, लेकिन रुपया कमजोर हो जाए, तो आयात में मिलने वाला फायदा शून्य हो जाता है। तीसरा और सबसे अहम कारण सरकार के टैक्स हैं। अक्सर क्रूड सस्ता होने पर सरकारें एक्साइज ड्यूटी या वैट बढ़ा देती हैं, ताकि उनका अपना रेवेन्यू बना रहे। ऐसे में सिर्फ क्रूड का गिरना काफी नहीं है, पेट्रोल-डीजल तभी सस्ता मिलेगा जब तेल कंपनियां मुनाफे में हों, रुपया मजबूत रहे और सरकार टैक्स न बढ़ाए।'

Updated on:
15 Jun 2026 02:48 pm
Published on:
15 Jun 2026 12:09 pm