कारोबार

Crude Oil: 4 दिन में 15% गिरा कच्चा तेल, 75 डॉलर के करीब आया भाव, जानें आज देश में पेट्रोल-डीजल के दाम

Crude Oil Prices: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की खबरों के बाद से ही ग्लोबल ऑयल मार्केट में भारी गिरावट देखी जा रही है। इसी गिरावट के चलते ब्रेंट और WTI क्रूड की कीमतें तीन महीने के निचले स्तर के आसपास पहुंच गई हैं।
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Jun 17, 2026
Petrol Diesel Prices
Crude Oil: क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आई है। (PC: AI)

Petrol Diesel Price on 17 June 2026: अमेरिका और ईरान के बीच पीस डील ने वैश्विक तेल बाजार पर बड़ा असर डाला है। बुधवार को कच्चे तेल की कीमतें करीब तीन महीने के निचले स्तर के आसपास लुढ़क आईं। निवेशकों को उम्मीद है कि होर्मुज स्ट्रेट खुलने पर तेल आपूर्ति में सुधार होगा और तेल के जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य हो जाएगी।

75 डॉलर के करीब आया क्रूड ऑयल

17 जून को ऑयल के प्राइस सुबह 8 बजे 75 डॉलर के आसपास ट्रेड करते दिखाई दिए। ब्रेंट क्रूड का भाव 78.91 डॉलर प्रति बैरल पर दिखा। जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 75.72 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। पिछले चार कारोबारी सत्रों में ब्रेंट क्रूड में लगभग 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो इस साल की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।

अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम

नई दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर ग्राहकों को दिया जा रहा है। वहीं, अधिकतर शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बनी हुई है।

शहरपेट्रोल (₹/लीटर)डीजल (₹/लीटर)
नई दिल्ली102.1295.20
कोलकाता113.4799.82
मुंबई111.2197.83
चेन्नई108.0199.78
गुरुग्राम103.1795.83
नोएडा102.0695.54
बेंगलुरु110.8998.80
भुवनेश्वर109.06100.77
चंडीगढ़101.5489.47
हैदराबाद115.73103.82
जयपुर112.6997.78
लखनऊ102.0495.53
पटना113.6599.65
तिरुवनंतपुरम115.49104.41

तेल बाजार में नरमी की वजह

तेल बाजार में नरमी की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच पीस डील है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह समझौता ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकेगा। वहीं, रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद ईरान को फिर से तेल निर्यात की अनुमति मिल सकती है। इसके साथ ही अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगी कुछ पाबंदियां हटाने पर विचार कर सकता है, जबकि ईरान होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही आसान बनाने में सहयोग करेगा।

आपूर्ति बहाल होने में लगेगा समय

एक्सपर्ट्स का मानना है कि संघर्ष के दौरान प्रभावित तेल उत्पादन और रिफाइनिंग सुविधाओं को पूरी तरह सामान्य होने में कई सप्ताह से लेकर कई साल तक लग सकते हैं। इसके अलावा इजरायल ने अभी तक इस समझौते का समर्थन नहीं किया है, जिससे इसकी सफलता को लेकर चिंता बनी हुई है।

Updated on:
17 Jun 2026 09:35 am
Published on:
17 Jun 2026 08:50 am