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पहले डॉक्टर फिर छोड़ी IAS की नौकरी; अब चलाते हैं ₹28,000 करोड़ की कंपनी

16 साल की उम्र में जब ज्यादातर टीनेजर स्कूल और दोस्तों के साथ मस्ती कर रहे होते हैं, रोमन सैनी ने AIIMS क्लियर कर लिया, जिसे देश के कुछ सबसे कठिन एंट्रेंस एग्जाम्स में से एक माना जाता है. 20 साल की उम्र में उन्होंने अपना MBBS भी पूरा कर लिया यानी डॉक्टर बन गए. […]

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Dec 22, 2025
अपनी सोच को हकीकत में बदलने के लिए IAS के पद से इस्तीफा दे दिया. (PC: insta; Roman Saini)

16 साल की उम्र में जब ज्यादातर टीनेजर स्कूल और दोस्तों के साथ मस्ती कर रहे होते हैं, रोमन सैनी ने AIIMS क्लियर कर लिया, जिसे देश के कुछ सबसे कठिन एंट्रेंस एग्जाम्स में से एक माना जाता है. 20 साल की उम्र में उन्होंने अपना MBBS भी पूरा कर लिया यानी डॉक्टर बन गए.

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22 साल की उम्र में IAS


लेकिन कदम यहीं रुके, 22 साल की छोटी सी उम्र में ही जब लोग अपना करियर शुरू कर रहे होते हैं, रोमन ने UPSC क्लियर कर लिया. जिसे पास करने में लोगों को कई साल लग जाते हैं, कड़ी मेहनत के बाद भी इस बात की गारंटी नहीं होती है कि उनका सेलेक्शन होगा, रोमन ने इस उपलब्धि को आसानी से हासिल कर लिया और IAS ऑफिसर बन गए. उन्हें मध्य प्रदेश कैडर दिया गया और उन्होंने जबलपुर में असिस्टेंट कलेक्टर के तौर पर काम करना भी शुरू किया.

लेकिन उनके कदम यहां भी नहीं रुके, रोमन को तो कुछ और चाहिए था, IAS के तौर पर सेवाएं देने के दौरान ही वो देश के एजुकेशन सिस्टम के बारे में कुछ करना चाहते थे. उनकी सोच इस दिशा में थी कि कैसे सभी लोगों को क्वालिटी एजुकेशन उपलब्ध कराया जाए, यानी अच्छी शिक्षा सिर्फ उन लोगों तक सीमित न रहे जो समृद्ध हैं, बल्कि शिक्षा की पहुंच समाज के कमजोर वर्गों तक भी हो.

IAS की नौकरी छोड़ी, शुरू किया स्टार्टअप


18 महीने की सिविल सेवाओं के बाद रोमन सैनी ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसका अंदाजा किसी को भी नहीं था, जिसे पाने के लिए लोग अपनी जिंदगी गुजार देते हैं. उन्होंने अपनी सोच को हकीकत में बदलने के लिए IAS के पद से इस्तीफा दे दिया.

अपने दोस्त गौरव मुंजल के साथ मिलकर रोमन ने साल साल 2015 में एक एड-टेक कंपनी Unacademy की शुरुआत की. Unacademy एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म है, जो दुनिया की कुछ सबसे कठिन परीक्षाओं की तैयारी में हजारों छात्रों की मदद करता है. Unacademy की शुरुआत 2010 में एक छोटे से YouTube चैनल के रूप में हुई थी.

₹28,000 करोड़ रुपये की वैल्युएशन

शिक्षा सुधार की दिशा में ये एक छोटी सी पहल जल्द ही Sorting Hat Technologies Pvt. Ltd. में बदल गया, जो Unacademy की पैरेंट कंपनी है. आज यह प्लेटफॉर्म भारत उन कुछ बड़े ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म्स में से एक बन चुका है, जिसकी मार्केट वैल्यू 28,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है.

Unacademy कोविड-19 के दौर में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लेकर आई. इस प्लेटफॉर्म ने तरह-तरह के कोर्स, लाइव क्लासेस और मेंटरशिप प्रोग्राम उपलब्ध कराए. लाखों छात्रों तक पहुंच बनाकर Unacademy एग्जाम्स की तैयारी, स्किल डेवलपमेंट और लगातार सीखने के लिए एक भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बन गया.

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Published on:
22 Dec 2025 02:35 pm
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